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Sonbhadra News: महिलाओं की सफलता से गूंजा डीपीआरसी, करमा नृत्य आकर्षण का केंद्र बना
Sonbhadra News: डीपीआरसी में आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, विकास प्रदर्शनी और करमा नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान खींचा।
Sonbhadra News: केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, लाभार्थी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीसी मनरेगा रविंद्र वीर ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। कार्यक्रम में महिलाओं को योजनाओं का लाभ उठाने और समूहों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं किस प्रकार रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं। खंड विकास अधिकारियों ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा बीते 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डीपीआरसी परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। स्थानीय हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री, गृह उपयोगी वस्तुएं तथा अन्य उत्पादों से सजे स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। अधिकारियों और आगंतुकों ने महिलाओं के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना की।
लक्ष्य हासिल करने का आह्वान
उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह ने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों, डाटा एंट्री ऑपरेटरों एवं सामुदायिक कैडर को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि मिशन के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाना आवश्यक है।
जिला मिशन प्रबंधक एम.जी. रवि ने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं को समूहों से जोड़ने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान वीडियो फिल्म के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों और सफल प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया।
सफलता की कहानी ने बढ़ाया उत्साह
‘अपनी कहानी-अपनी जुबानी’ सत्र में स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुनीता देवी ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार के साथ सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है। उनकी प्रेरणादायक कहानी ने उपस्थित महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार किया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में बताया गया कि जनपद की बड़ी संख्या में महिलाएं अभी भी स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़ी हैं। उन्हें समूहों का हिस्सा बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने का आह्वान किया गया।
डिजिटल सशक्तिकरण और सांस्कृतिक रंग
आईसीडीएस विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टैबलेट वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इससे योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों का निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में संस्कृत विभाग के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत करमा नृत्य ने पूरे माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। कलाकारों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की झलक देखने को मिली। बड़ी संख्या में पहुंचे लाभार्थियों और आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में समस्त खंड विकास अधिकारी, जिला मिशन प्रबंधक, एपीओ मनरेगा, सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, सामुदायिक कैडर, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।


