Sonbhadra News: दुद्धी को जिला बनाने की मांग फिर तेज, अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

Sonbhadra News: सोनभद्र के दुद्धी को जिला घोषित करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं और आंदोलनकारियों ने कचहरी गेट पर प्रदर्शन किया, सरकार से जल्द निर्णय की मांग की।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 20 Jun 2026 8:25 PM IST
Demand to make milk a district intensifies again, advocates demonstrate
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दुद्धी को जिला बनाने की मांग फिर तेज, अधिवक्ताओं का प्रदर्शन (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद के दुद्धी को जिला घोषित करने की मांग को लेकर शनिवार को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा ने एक बार फिर आंदोलन की धार तेज कर दी। अधिवक्ताओं और आंदोलनकारियों ने न्यायिक कार्य से अलग रहकर कचहरी परिसर के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान "दुद्धी को जिला बनाओ, क्षेत्र का विकास कराओ" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मोर्चा से जुड़े वक्ताओं प्रभु सिंह कुशवाहा, विष्णुकांत तिवारी और अभिनय जायसवाल ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग कोई नई नहीं है। क्षेत्र की जनता पिछले दो दशकों से लगातार इस मुद्दे को उठाती आ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

उन्होंने कहा कि चुनावी सभाओं में दुद्धी को जिला बनाए जाने के आश्वासन दिए जाते हैं, मगर सत्ता में आने के बाद इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश सरकार ने केवल आश्वासन दिए हैं, जबकि क्षेत्र की जनता को जिला गठन की घोषणा का इंतजार है। उनका कहना था कि दुद्धी भौगोलिक, प्रशासनिक और जनसंख्या संबंधी कई आवश्यक मानकों को पूरा करता है, इसके बावजूद मांग को लगातार टाला जा रहा है।

‘मानकों’ के नाम पर टालमटोल का आरोप

संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे जिले हैं जिनकी आबादी और क्षेत्रफल दुद्धी से कम है, फिर भी उन्हें जिला का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में दुद्धी के मामले में मानकों का हवाला देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से क्षेत्रीय जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं और आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए तथा चेतावनी दी कि यदि मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।

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