Sonbhadra News: बिजली कर्मियों का फूटा गुस्सा, छुट्टियां छीनकर नहीं चल सकती व्यवस्था

Sonbhadra News: सोनभद्र में बिजली कर्मचारियों ने छुट्टियों और त्योहारों पर ड्यूटी का विरोध किया, रिक्त पदों पर भर्ती, संविदाकर्मियों की वापसी और कार्रवाई खत्म करने की मांग उठाई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 19 Jun 2026 7:03 PM IST (Updated on: 19 Jun 2026 7:19 PM IST)
Electricity workers explode: power system without vacations
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बिजली कर्मियों का फूटा गुस्सा: छुट्टियां छीनकर नहीं चल सकती व्यवस्था (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं से अवकाश, साप्ताहिक छुट्टियों तथा त्योहारों के दिनों में लगातार ड्यूटी कराए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। समिति ने कहा है कि कर्मचारियों की कमी को छुट्टियां खत्म कर पूरा करने की कोशिश न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।

यहां शुक्रवार को समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था का भार लगातार घटती कर्मचारी संख्या के कंधों पर डाला जा रहा है। एक ओर उपभोक्ताओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, वहीं दूसरी ओर नियमित कर्मचारियों की संख्या लगातार कम होती गई है। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति, रखरखाव, राजस्व वसूली, उपभोक्ता सेवाएं और तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी सीमित कर्मचारियों के भरोसे संचालित की जा रही है।

त्योहारों पर भी अवकाश नहीं है

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक अवकाश और त्योहारों पर भी कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में ड्यूटी समझी जा सकती है, लेकिन इसे नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाना कर्मचारियों के अधिकारों और मानवीय जरूरतों की अनदेखी है। बिजली कर्मियों को भी अपने परिवार और समाज के बीच समय बिताने का अधिकार है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि ऊर्जा निगमों में सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए तथा बढ़ती जरूरतों के अनुरूप नए पदों का सृजन किया जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों को वापस काम पर लिया जाए ताकि कार्य का दबाव कम हो सके। समिति ने मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों और अभियंताओं पर की गई सभी दंडात्मक एवं उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की भी मांग उठाई।

भय और दबाव के माहौल में बेहतर कार्य करने की उम्मीद बेकार है

उनका कहना है कि भय और दबाव के माहौल में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित नहीं हो सकती। संघर्ष समिति ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में कर्मचारियों को छुट्टी अथवा त्योहार के दिन ड्यूटी पर बुलाया जाता है तो उन्हें नियमों के तहत प्रतिकर अवकाश या दुगना वेतन दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी से ऊर्जा निगमों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

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