Sonbhadra News: पारिवारिक कलह का खौफनाक अंजाम, बबूल के पेड़ पर झूलता मिला सात बच्चों के पिता का शव

Sonbhadra News: सोनभद्र में पारिवारिक विवाद के बाद सात बच्चों के पिता का शव बबूल के पेड़ पर लटका मिला। घटना से क्षेत्र में सनसनी, पुलिस जांच में जुटी।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 7 Jun 2026 12:40 PM IST
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Sonbhadra News(Photo-Social Media)

Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद के चोपन थाना क्षेत्र के सलखन ग्राम पंचायत के बैरहवा टोला में रविवार की सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से जूझ रहे सात बच्चों के पिता ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बबूल के पेड़ से लटकता शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और गांव में मातम छा गया।

जानकारी के अनुसार बैरहवा टोला निवासी धर्मेंद्र उर्फ पौड़ी धरकार (45) पुत्र देवी दयाल रविवार सुबह घर से यह कहकर निकले थे कि वह थाने जा रहे हैं। परिजनों को क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र लंबे समय से घरेलू विवाद और पारिवारिक तनाव के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।

ग्रामीणों के मुताबिक घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित एक बबूल के पेड़ के पास पहुंचकर उन्होंने लुंगी के सहारे फंदा बनाया और आत्मघाती कदम उठा लिया। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे लोगों की नजर पेड़ से लटक रहे शव पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर चोपन पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

मृतक अपने पीछे पांच पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पिता की मौत से बच्चों के सिर से साया उठ गया है, जबकि पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर शोक और स्तब्धता का माहौल बना हुआ है।

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के पीछे के सभी कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव किस तरह लोगों को ऐसे भयावह कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है।

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