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Sonbhadra News: रामलीला में पहुंचे सांसद छोटेलाल खरवार, सड़क और घाटों के विकास की मांगें उठीं
Sonbhadra News: सोनभद्र के घघरी गांव की रामलीला में सांसद छोटेलाल खरवार पहुंचे। विकास की चौपाल में ग्रामीणों ने सड़क निर्माण और घाटों के विकास समेत विभिन्न समस्याएं उठाईं।
Sonbhadra News(Photo-Social Media)
Sonbhadra News: जिले के बभनी ब्लॉक की घघरी ग्राम पंचायत में चल रही ऐतिहासिक रामलीला का नौवां दिन आस्था, संस्कृति और क्षेत्रीय विकास की मांगों के नाम रहा। रविवार की रात रामलीला मंच पर प्रभु श्रीराम के आदर्शों का गुणगान हुआ तो दूसरी ओर ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को जनप्रतिनिधि के सामने रखकर उनके समाधान की उम्मीद जताई। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद छोटेलाल खरवार ने फीता काटकर नौवें दिन की लीला का शुभारंभ किया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
रामलीला मंच से उठीं गांव के विकास की आवाजें
कार्यक्रम के दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष प्रदीप पटेल और ग्राम प्रधान कृष्णानंद सोनी ने सांसद को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद समारोह का माहौल केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण जरूरतों और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा का केंद्र बन गया। ग्राम प्रधान कृष्णानंद सोनी ने रामलीला के लिए स्थायी पक्के मंच के निर्माण की मांग रखी। उन्होंने छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छठ घाट तथा अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट बनवाने की आवश्यकता भी बताई। वहीं, जनप्रतिनिधि अशोक सिंह खरवार ने गांव के मुख्य संपर्क मार्ग की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से खराब पड़ी सड़क के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की इन मांगों के जरिए क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की जरूरत सामने आई।
संसद तक आवाज पहुंचाने का सांसद ने दिया भरोसा
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद छोटेलाल खरवार ने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान और क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इन मांगों को संसद में भी मजबूती से उठाया जाएगा। सांसद के आश्वासन से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद बंधी।
युवा कलाकारों ने मंच पर जीवंत किए रामायण के प्रसंग
अपने संबोधन में सांसद ने प्रभु श्रीराम के जीवन, मर्यादा, आदर्शों और भ्रातृत्व प्रेम का उल्लेख करते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। स्थानीय युवा कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्होंने ऐसे आयोजनों को भारतीय परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को सहेजने वाला बताया। रामलीला के नौवें दिन स्थानीय कलाकारों ने माता सीता की खोज और लंका दहन के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। अभिनय, संवाद और घटनाक्रम के सजीव चित्रण ने दर्शकों को कथा से जोड़े रखा। मंच पर प्रस्तुत प्रसंगों के दौरान दर्शक भावविभोर नजर आए और परिसर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष प्रदीप पटेल, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार खरवार, उपकोषाध्यक्ष मनोज प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और दर्शक मौजूद रहे। आयोजन ने एक ओर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा की छटा बिखेरी, वहीं दूसरी ओर गांव की मूलभूत समस्याओं को सामने लाकर विकास की अपेक्षाओं को भी स्वर दिया।


