Sonbhadra News: सोनभद्र के गुलाब जामुन को मिली नई उड़ान, अब देश ही नहीं विदेशों में भी बिखरेगी मिठास

Sonbhadra News: योगी सरकार ने सोनभद्र के गुलाब जामुन को ओडीओसी योजना में शामिल किया। अब कारीगरों को प्रशिक्षण, बाजार और आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 15 May 2026 6:29 PM IST
Sonbhadras rose berries have got a new flight, now sweetness will be sold not only in the country but also abroad
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सोनभद्र के गुलाब जामुन को मिली नई उड़ान, अब देश ही नहीं विदेशों में भी बिखरेगी मिठास (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र। ऊर्जा उत्पादन के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखने वाला सोनभद्र अब अपनी पारंपरिक मिठास के लिए भी नई पहचान बनाने जा रहा है। जिले के प्रसिद्ध गुलाब जामुन को प्रदेश सरकार ने “एक जिला, एक व्यंजन” (ओडीओसी) योजना में शामिल कर लिया है। सरकार के इस फैसले से न केवल स्थानीय मिठाई कारोबार को नई दिशा मिलेगी, बल्कि यहां के कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए आर्थिक तरक्की के नए अवसर भी तैयार होंगे।

योगी सरकार की इस पहल के बाद सोनभद्र का गुलाब जामुन अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विशेष सेल गठित किया जाएगा। यह सेल गुलाब जामुन व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही उन्हें बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ दिलाने में मदद करेगा।

उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य छोटे स्तर पर पारंपरिक तरीके से काम कर रहे कारीगरों को आधुनिक उद्यमी के रूप में विकसित करना है। इसके तहत मिठाई बनाने वाले कारीगरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे गुणवत्ता, स्वच्छता, आकर्षक पैकेजिंग और लंबे समय तक सुरक्षित रखने की आधुनिक तकनीकों को सीख सकें। इससे सोनभद्र के गुलाब जामुन देश के बड़े शहरों के साथ-साथ विदेशों के बाजारों तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे।

200 से अधिक इकाइयों को मिलेगा सीधा लाभ

जिले में वर्तमान समय में गुलाब जामुन बनाने की 200 से अधिक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे करीब 300 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। ओडीओसी योजना में शामिल होने के बाद इन इकाइयों को सरकारी प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध होने से कारोबार में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इससे जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

स्वाद और सुगंध ने बनाया खास

गुलाब जामुन बनाने वाले संतोष कुमार मोदनवाल बताते हैं कि सोनभद्र के गुलाब जामुन की सबसे बड़ी खासियत उसकी मुलायम बनावट और अनूठी सुगंध है। इसे तैयार करने में मैदा, खोवा और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं स्वाद को और खास बनाने के लिए इसमें इलायची, केसर, काजू, पिस्ता और बादाम का मिश्रण निश्चित मात्रा में मिलाया जाता है। यही कारण है कि इसका स्वाद लोगों को पहली ही बार में अपना दीवाना बना देता है।

स्थानीय पहचान से वैश्विक ब्रांड बनने की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोनभद्र के गुलाब जामुन की ब्रांडिंग और पैकेजिंग आधुनिक तरीके से की गई तो यह आने वाले समय में जिले की नई पहचान बन सकता है। जिस तरह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिली है, उसी तरह सोनभद्र का यह पारंपरिक मिष्ठान भी वैश्विक बाजार में अपनी अलग छाप छोड़ सकता है।

Shashi kant gautam

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