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Sonbhadra News: कनहर बांध का जलस्तर बढ़ाने की तैयारी, डूब क्षेत्र के गांवों पर मंडराया खतरा
Sonbhadra News: कनहर परियोजना में 265.252 मीटर तक जलभराव की तैयारी, डूब क्षेत्र के परिवारों को पुनर्वास कॉलोनी में शिफ्ट होने की चेतावनी, बढ़ी चिंता।
कनहर बांध का जलस्तर बढ़ाने की तैयारी, डूब क्षेत्र के गांवों पर मंडराया खतरा (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सोनभद्र। कनहर सिंचाई परियोजना में इस वर्ष पहली बार जलाशय का जलस्तर अधिकतम निर्धारित सीमा तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही डूब क्षेत्र में अब भी रह रहे दर्जनों विस्थापित परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जलस्तर बढ़ने के बाद डूब क्षेत्र में स्थित मकान और बस्तियां प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए सभी परिवार तत्काल पुनर्वास कॉलोनियों में स्थानांतरित हो जाएं।
सिंचाई विभाग निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने गुरुवार को बताया कि सुंदरी, भिसुर, कोरची, सुगवामान, रंदहटोला, गोहणा, बरखोहरा, अमवार, बघाडू, कुदरी और लाम्बी सहित कई गांवों के कुछ परिवार आज भी डूब क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। ऐसे परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए पूरे क्षेत्र को खाली कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
265.252 मीटर तक रोका जाएगा पानी, पहली बार होगा इतना बड़ा जलभराव
अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष कनहर बांध में जल संग्रहण की सीमा 265.252 लेबल तक निर्धारित की गई है। इसके लिए बांध के सभी फाटकों को बंद कर जलस्तर बढ़ाया जाएगा। विभाग का कहना है कि परियोजना के इतिहास में पहली बार इतनी ऊंचाई तक पानी रोकने की तैयारी की जा रही है। पिछले वर्ष जलस्तर लगभग 260 मीटर तक पहुंचा था, लेकिन इस बार उससे कहीं अधिक पानी संग्रहित किया जाएगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक जलाशय में जलस्तर बढ़ने के साथ डूब क्षेत्र का दायरा भी विस्तृत होगा, जिससे निचले इलाकों में बसे परिवारों के मकानों और कृषि भूमि पर खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि प्रशासन पहले से ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कवायद में जुट गया है।
पुनर्वास कॉलोनी में शिफ्ट होने का निर्देश, बिना प्लाट वालों को भी मिलेगा आवंटन
विभाग ने डूब क्षेत्र में रह रहे सभी परिवारों से अपने आवंटित भूखंडों पर तत्काल जाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जिन विस्थापित परिवारों को अब तक प्लाट आवंटित नहीं हुआ है, वे पुनर्वास कॉलोनी अमवार पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भूखंड प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन का दावा है कि किसी भी परिवार को असुरक्षित स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा और सभी पात्र लोगों को पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद कई परिवार अभी भी अपने पुराने गांवों और घरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
बांध का होगा परीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष जलभराव बढ़ाने के साथ-साथ बांध की कार्यक्षमता और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी परीक्षण भी किए जाने हैं। इसी कारण निर्धारित स्तर तक पानी रोकना आवश्यक माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि परीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की मानवीय क्षति न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
घरों में पानी घुसने की शिकायतों पर मुआवजा, जल्द होगा पूर्ण विस्थापन
सिंचाई विभाग ने बताया कि जिन परिवारों के घरों में पानी प्रवेश करने अथवा डूब से प्रभावित होने की सूचनाएं मिल रही हैं, उनका सर्वे कराया जा रहा है। पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में शेष बचे सभी परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
कनहर परियोजना में जलस्तर बढ़ाने की तैयारी के बीच डूब क्षेत्र के गांवों में चिंता का माहौल है। प्रशासन और विभाग दोनों ही लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और समय रहते पुनर्वास स्थलों पर पहुंचकर अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।


