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Sonbhadra News: ओबरा तापीय परियोजना में प्लेट चोरी की कोशिश नाकाम, कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार
Sonbhadra News: सोनभद्र के ओबरा तापीय परियोजना में तांबे की प्लेट चोरी की कोशिश को CISF और ओबरा पुलिस ने नाकाम कर दिया। एक कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
Sonbhadra News(Photo-Social Media)
Sonbhadra News: जनपद के ओबरा तापीय विद्युत परियोजना से तांबे की प्लेट चोरी कर बाहर ले जाने की कोशिश उस समय नाकाम हो गई, जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और ओबरा पुलिस की संयुक्त सतर्कता ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। परियोजना में कार्यरत कर्मचारी ही चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था। उसके कब्जे से चार तांबे की प्लेटें बरामद हुई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया।
जनपद में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। ओबरा थाना पुलिस और सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को चोरी के माल सहित गिरफ्तार किया।
परियोजना से बाहर ले जाई जा रही थीं तांबे की प्लेटें
पुलिस के अनुसार 11 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे तापीय विद्युत परियोजना, ओबरा के खंड-1 'स' में कार्यरत कर्मचारी कंचन यादव पुत्र लाल बहादुर यादव निवासी ग्राम पुरहे, पोस्ट करुई, थाना मझिआंव, जिला गढ़वा (झारखंड) परियोजना परिसर से तांबे की चार प्लेटें चोरी कर बाहर ले जाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवानों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी की गई तांबे की प्लेटें बरामद हो गईं और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, न्यायालय भेजा गया आरोपी
सीआईएसएफ ने आरोपी को चोरी के माल सहित ओबरा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0-153/2026 के तहत धारा 306 एवं 317(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया। रविवार को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया।
चार तांबे की प्लेटें बरामद, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
संयुक्त टीम ने आरोपी के कब्जे से तांबे की चार प्लेटें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये आंकी गई है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि परियोजना जैसे संवेदनशील परिसर में अंदरूनी स्तर पर चोरी की कोशिशें किस तरह की जा रही हैं। हालांकि सीआईएसएफ और पुलिस की तत्परता से वारदात सफल होने से पहले ही विफल हो गई। इस कार्रवाई में सीआईएसएफ के उपनिरीक्षक राम प्रताप सिंह, आरक्षी आदित्यन आर तथा ओबरा थाना के उपनिरीक्षक सुनील कुमार और मुख्य आरक्षी संतोष पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और चोरी अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


