Sonbhadra News: प्रधान की मौत के बाद पंचायत खाते में खेल, डोंगल-ओटीपी के जरिए करोड़ों का गबन, FIR

Sonbhadra News: सोनभद्र में प्रधान की मौत के बाद पंचायत खाते से करोड़ों रुपये निकालने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर कई अधिकारी-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज हुई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 18 May 2026 11:25 AM IST
Game in panchayat account after pradhans death, embezzlement of crores through dongle-OTP, FIR
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प्रधान की मौत के बाद पंचायत खाते में खेल, डोंगल-ओटीपी के जरिए करोड़ों का गबन, FIR (Photo- Social Media)

Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी ग्राम पंचायत में पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग और करोड़ों रुपये के गबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निर्वाचित ग्राम प्रधान की मौत के बाद पंचायत संचालन के नाम पर डोंगल और ओटीपी का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से रकम निकालने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एडीओ पंचायत, पंचायत सचिवों समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डोंगल बनवाने के बहाने लिए हस्ताक्षर

न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता लक्ष्मीनारायण का कहना है कि अप्रैल 2025 में ग्राम प्रधान की मृत्यु के बाद उन्हें पंचायत समिति अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। पंचायत खाते का संचालन अध्यक्ष और सचिव के संयुक्त डोंगल से होना था।

आरोप है कि तत्कालीन सचिव प्रवीण कुमार और पूर्व प्रधान शमशेर बहादुर सिंह उन्हें रॉबर्ट्सगंज स्थित एक फोटो स्टेट व कंप्यूटर दुकान पर ले गए। वहां डोंगल बनवाने के नाम पर जरूरी दस्तावेज लेने के साथ कई सादे कागजों पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए।

ओटीपी लेकर खाते से रकम उड़ाने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक कुछ समय बाद सचिव प्रवीण कुमार का तबादला हो गया। इसके बाद वर्तमान सचिव पंकज कुमार मौर्य और अन्य लोगों ने उन्हें बताया कि उनके मोबाइल पर आने वाला ओटीपी बताना जरूरी है। तकनीकी जानकारी कम होने के कारण उन्होंने कई बार ओटीपी साझा कर दिया।

आरोप है कि इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर ग्राम पंचायत के खाते से करोड़ों रुपये निकालकर शमशेर बहादुर सिंह और उनके करीबियों से जुड़ी नौ फर्मों के खातों में भेज दिए गए। बाद में उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध जताया।

डोंगल शमशेर के पास है, कहकर टालते रहे आरोपी

लक्ष्मीनारायण का आरोप है कि जब वह संबंधित फोटो स्टेट दुकान पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि डोंगल शमशेर बहादुर सिंह के पास है। कुछ दिन बाद फिर मोबाइल पर ओटीपी आने लगा, लेकिन इस बार उन्होंने नंबर बताने से इनकार कर दिया।

इसके बावजूद कथित रूप से ई-मेल के माध्यम से ओटीपी हासिल कर पंचायत निधि से और रकम निकाली गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट भी की।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर

वहीं इस बाबत जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एफआईआर में एडीओ पंचायत रॉबर्ट्सगंज, पंचायत सचिव पंकज कुमार मौर्य, प्रवीण कुमार, शमशेर बहादुर सिंह, जितेंद्र, अभिषेक समेत कई अन्य लोगों और संबंधित फर्म संचालकों को आरोपी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में यह दूसरी बड़ी प्राथमिकी है, जिससे पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Shashi kant gautam

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