Sonbhadra News: पेड़ों की हिफाजत का बुलंद संकल्प, 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान बना जनआंदोलन

Sonbhadra News: सोनभद्र के बरहमोरी गांव में 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान के तहत ग्रामीणों को आम के पौधे वितरित किए गए। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल का संकल्प लिया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 17 July 2026 4:35 PM IST
, Trees are life campaign becomes peoples movement
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पेड़ों की हिफाजत का बुलंद संकल्प, 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान बना जनआंदोलन (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले के कोन विकासखंड के बरहमोरी गांव में शुक्रवार को आयोजित 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। अभियान के जिला संयोजक रामसूरत सिंह खरवार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण परिवारों को आम के पौधे वितरित किए गए। इस दौरान ग्रामीणों ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की अपने परिवार के सदस्य की तरह देखभाल करने का सामूहिक संकल्प भी लिया। पूरे कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और जल, जंगल, जमीन की रक्षा का संदेश प्रमुखता से उभरा।


पर्यावरण बचाने को जनभागीदारी जरूरी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करता आया है और आज भी प्रकृति की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी निजी या सहयोगी कंपनी द्वारा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने या अनावश्यक रूप से पेड़ों की कटाई करने का प्रयास किया गया तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि आदिवासी समाज के लोगों का एक भी घर उजड़ने नहीं दिया जाएगा।

जल, जंगल और जमीन हमारी असली पहचान

तरिया क्षेत्र के वरिष्ठ अभिभावक कन्हैया चेरो ने कहा कि जंगल और प्राकृतिक संसाधन ही इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए हर व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

पुरखों की धरोहर को बचाने का लिया संकल्प

अमिलाधाम मंदिर परिसर के अध्यक्ष नवलेश गोण ने कहा कि पूर्वजों ने पेड़, पहाड़ और जलस्रोतों को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा था। आज जरूरत है कि उसी विरासत को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प दोहराया। इस अवसर पर विनय खरवार, योगेंद्र यादव, बासमती खरवार, दिनेश चेरो, सुदामा बैगा, रामदुलारे पनिका, दशरथ खरवार, गीता पासवान, राजू पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश गूंजता रहा।

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