Sonbhadra News: सोनभद्र में बिजली कर्मियों का बढ़ा आक्रोश, कार्रवाई वापस लेने की मांग तेज

Sonbhadra News: सोनभद्र में बिजली कर्मियों ने मार्च 2023 आंदोलन के बाद हुई कार्रवाई वापस लेने की मांग तेज कर दी है। संघर्ष समिति ने जन-जागरण अभियान की घोषणा की।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 17 May 2026 5:44 PM IST
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Sonbhadra News(Photo-Social Media)

Sonbhadra News: ऊर्जा विभाग में मार्च 2023 के आंदोलन के बाद बिजली कर्मियों पर हुई कार्रवाई को लेकर एक बार फिर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों पर की गई उत्पीड़नात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग की है। समिति का कहना है कि इन कार्रवाइयों के कारण कर्मचारियों के प्रमोशन, सेवांत लाभ और अन्य अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे पूरे विभाग में गहरा असंतोष व्याप्त है।

ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई वापस

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और संघर्ष समिति के बीच हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में तत्कालीन चेयरमैन को आंदोलन से जुड़े कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई वापस लेने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आज तक निलंबन और अनुशासनात्मक मामलों को समाप्त नहीं किया गया। समिति का आरोप है कि इससे कर्मचारियों में यह संदेश गया है कि प्रबंधन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। लंबे समय से मामले लंबित होने के कारण कई कर्मचारियों के प्रमोशन, टाइम स्केल और अन्य सेवा लाभ प्रभावित हो रहे हैं।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं मिल रहे लाभ

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भविष्य निधि के अलावा अन्य वैधानिक सेवांत लाभ नहीं दिए गए हैं, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। समिति ने अभियंता आर.जी. सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि आंदोलन के बाद उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी और सेवानिवृत्ति के बाद भी पूरा भुगतान नहीं मिला। हाल ही में उनके निधन के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया है। समिति ने इसे अमानवीय और संवेदनहीन रवैया बताया है।

संविदा कर्मियों की नौकरी पर भी खतरा

संघर्ष समिति का कहना है कि कार्रवाई का असर केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कम वेतन पर कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को भी नौकरी से हटाया जा रहा है। इससे उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन के कठोर रवैये से पूरे ऊर्जा निगम में भय और असंतोष का माहौल बन गया है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल लगातार गिर रहा है।

18 मई से शुरू होगा जन-जागरण अभियान

संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि 18 मई से 23 मई तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों और अनपरा व ओबरा ताप बिजलीघरों में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत बस्ती और गोरखपुर से होगी, जहां केंद्रीय पदाधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करेंगे। समिति का कहना है कि यह केवल आंदोलन नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Anjali Soni

Anjali Soni

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