Sonbhadra News: राजस्व अभियान में सोनभद्र अव्वल, कई श्रेणियों में लंबित मामले शून्य

Sonbhadra News: एक माह के विशेष राजस्व अभियान में सोनभद्र ने परीक्षण, चकबंदी और उच्च न्यायालय से जुड़े सभी लंबित संदर्भों का निस्तारण किया, कई मामलों में बड़ी कमी दर्ज हुई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 3 July 2026 6:36 PM IST
Sonbhadra Awal in revenue campaign, pending cases zero in many categories
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राजस्व अभियान में सोनभद्र अव्वल, कई श्रेणियों में लंबित मामले शून्य (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: राजस्व भूमि विवादों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में सोनभद्र ने प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। एक महीने तक चले विशेष अभियान के दौरान जिले ने ऐसा प्रदर्शन किया कि परीक्षण, चकबंदी और उच्च न्यायालय से जुड़े लंबित संदर्भ पूरी तरह समाप्त हो गए। वहीं राजस्व न्यायालयों और सिविल न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों की संख्या में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रशासन की इस उपलब्धि के पीछे जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की लगातार मॉनिटरिंग, जवाबदेही तय करने की कार्यशैली और अधिकारियों पर सख्त निगरानी को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

प्रदेश सरकार की ओर से 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित विशेष राजस्व अभियान के दौरान सोनभद्र प्रशासन ने लंबित मामलों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर एक-एक प्रकरण की प्रगति पर नजर रखी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

कई श्रेणियों में पहली बार लंबित मामले हुए पूरी तरह समाप्त

अभियान का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि परीक्षण के लिए लंबित सभी संदर्भों का निस्तारण कर दिया गया और इनकी संख्या शून्य पर पहुंच गई। चकबंदी न्यायालयों में भी लंबित मामलों का पूरी तरह निपटारा कर दिया गया। इतना ही नहीं, उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित राजस्व प्रकरणों में प्रभावी पैरवी और बेहतर समन्वय के चलते सभी संदर्भों का निस्तारण कर दिया गया। इन तीनों श्रेणियों में लंबित मामलों का शून्य होना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

राजस्व और सिविल न्यायालयों में भी तेजी से घटी लंबित फाइलें

अभियान के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटकर केवल 120 रह गई, जबकि सिविल न्यायालयों में भी लंबित प्रकरणों की संख्या घटकर महज 22 पर सिमट गई। प्रशासन का दावा है कि नियमित समीक्षा, समयबद्ध कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से यह परिणाम संभव हो सका है।

पुनर्जीवित मामलों के निस्तारण में भी दिखाई रफ्तार

विशेष अभियान के तहत पुनर्जीवित किए गए 6,544 मामलों में से अधिकांश का निस्तारण कर दिया गया है। अब केवल 580 मामले शेष हैं, जो मुख्य रूप से ओबरा और रॉबर्ट्सगंज तहसीलों से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन शेष मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभियान की उपलब्धियों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

रोजाना समीक्षा बनी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता जिलाधिकारी की दैनिक मॉनिटरिंग रही। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर दिन प्रकरणवार समीक्षा की गई, अधिकारियों से जवाब मांगा गया और जहां प्रगति धीमी मिली वहां तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए। यही वजह रही कि अभियान के दौरान निस्तारण की गति लगातार तेज बनी रही और जिले ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

सुशासन की दिशा में मजबूत संदेश

राजस्व विवादों के त्वरित समाधान को लेकर सोनभद्र प्रशासन का यह प्रदर्शन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है। लंबित मामलों में कमी आने से वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को लाभ मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी कार्यप्रणाली, सख्त मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के इसी मॉडल को आगे भी जारी रखा जाएगा, जिससे राजस्व व्यवस्था और अधिक प्रभावी तथा जनहितैषी बन सके।

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