Sonbhadra News: आरओबी निर्माण से पहले आमजन की सुविधाओं का रखा जाए ध्यान- संदीप मिश्र

Sonbhadra News: सोनभद्र में प्रस्तावित आरओबी निर्माण को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर वैकल्पिक मार्ग, जल संकट और पौधरोपण की मांग उठाई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 29 May 2026 5:16 PM IST
Attention to public facilities before construction of ROB- Sandeep Mishra
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आरओबी निर्माण से पहले आमजन की सुविधाओं का रखा जाए ध्यान- संदीप मिश्र (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र। जनपद के रॉबर्ट्सगंज में रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर संभावित समस्याओं और आमजन की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिलाधिकारी से मिला। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जिस मार्ग पर आरओबी निर्माण प्रस्तावित है, वह करीब छह लाख की आबादी के लिए मुख्य संपर्क मार्ग का कार्य करता है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के निर्माण शुरू होने पर आम लोगों, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि बिहार, खलियारी, रामगढ़ और पन्नूगंज क्षेत्र से आने वाली छोटी गाड़ियों व बाइक सवारों के लिए चतरा से धधरौल बांध होते हुए जिला मुख्यालय तक अस्थायी मार्ग विकसित किया जाए। वहीं मुख्यालय से लौटने वाले वाहनों को चुर्क-सिल्थरी मार्ग से सजौर नहर पटरी के रास्ते पन्नूगंज-खलियारी मार्ग से जोड़े जाने की मांग रखी गई।

इसके अलावा भारी वाहनों के लिए बेलखुरी-तिवारीपुर होते हुए मधुपुर-वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग को वैकल्पिक रूट के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन आम जनता की सहूलियत और दैनिक जीवन प्रभावित हुए बिना योजनाओं को लागू किया जाना चाहिए।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। ज्ञापन में मांग की गई कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में फलदार वृक्षों का व्यापक स्तर पर रोपण कराया जाए। उनका कहना था कि सोनभद्र का वातावरण आम, अमरूद, आंवला और कटहल जैसे पौधों के लिए बेहद अनुकूल है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर भी मोर्चा ने सुझाव दिया कि जिले के तालाबों का मशीनों से दो से ढाई मीटर तक गहरीकरण कराया जाए। इससे वर्षा जल का बेहतर संचयन होगा और आने वाले समय में पेयजल संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

इस दौरान आकाश चौहान, शत्रुधन बिंद, विजय बिंद, शुभ बिंद, संजय बियार, सत्यम पांडेय, सूरज चौधरी, धीरज कनौजिया, बिंदू प्रसाद खरवार और मुखलाल चेरो समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Shashi kant gautam

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