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Sonbhadra News: अतिक्रमण हटेगा, ओवरब्रिज के नीचे आधुनिक वेंडर जोन बनेगा, 89.59 लाख से होगा विकास
Sonbhadra News: सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में अतिक्रमण हटाकर ओवरब्रिज के नीचे आधुनिक वेंडर जोन बनाया जाएगा। इसके लिए 89.59 लाख रुपये खर्च होंगे।
Sonbhadra News(Photo-Social Media)
Sonbhadra News: जनपद के रॉबर्ट्सगंज नगर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब ढंग से लगने वाले ठेले, पटरी दुकानें और स्ट्रीट वेंडरों की समस्या से अब निजात मिलने की उम्मीद जगी है। सड़क किनारे कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों को हटाने के बजाय उन्हें व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। रॉबर्ट्सगंज में ओवरब्रिज के नीचे आधुनिक वेंडर जोन विकसित किया जाएगा। इसके लिए नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत 89 लाख 59 हजार 838 रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
ओवरब्रिज के नीचे बदलेगी तस्वीर
परियोजना के आकार लेने के बाद सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब तरीके से दुकान लगाने वाले वेंडरों को एक निर्धारित स्थान मिल सकेगा। इससे जहां छोटे कारोबारियों की आजीविका को सुरक्षित आधार मिलेगा, वहीं शहर की सड़कों पर फैलने वाली अव्यवस्था भी कम होगी। वेंडर जोन में स्ट्रीट वेंडरों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होने से यातायात संचालन, पैदल आवागमन और सार्वजनिक स्थलों के उपयोग में भी सुधार आने की उम्मीद है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य केवल वेंडरों को स्थान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और सुविधायुक्त स्वरूप देना भी है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे दुकान लगाने वाले अनेक लोगों की आजीविका इसी कारोबार पर निर्भर है। ऐसे में उन्हें व्यवस्थित स्थान मिलने से उनका रोजगार भी सुरक्षित रहेगा और नगर की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
89.59 लाख की सीएसआर परियोजना को मंजूरी
एनसीएल की ओर से इस परियोजना के लिए 89,59,838 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना का क्रियान्वयन एनसीएल मुख्यालय के सीएसआर विभाग और जिला प्रशासन सोनभद्र के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। परियोजना की निगरानी और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी भी तय की गई है। एनसीएल ने राजाराम यादव, उप प्रबंधक सीडी को परियोजना प्रबंधक नामित किया है। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
व्यवस्था के साथ आजीविका को भी मिलेगा सहारा
रॉबर्ट्सगंज में सड़क किनारे लगने वाले ठेले और पटरी दुकानों के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होता है। पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरकर आवागमन करना पड़ता है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर बिखरी दुकानों के कारण सफाई और शहर के सौंदर्यीकरण की चुनौती बनी रहती है। वेंडर जोन विकसित होने के बाद इन समस्याओं को एक साथ नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित वेंडर जोन में स्ट्रीट वेंडरों को एक निश्चित और सुरक्षित स्थान मिलने से उन्हें बार-बार हटाए जाने या सड़क किनारे दुकान लगाने की समस्या से भी राहत मिल सकेगी। इससे उनके कारोबार को स्थायित्व मिलेगा और ग्राहकों को भी खरीदारी के लिए एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा।
एमओयू के बाद चरणबद्ध तरीके से होगा काम
परियोजना के तहत धनराशि जारी करने से लेकर निर्माण कार्य की प्रगति और उसके पूर्ण होने तक निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। कार्य की प्रगति से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र, पूर्णता प्रमाण-पत्र और जियो-टैग्ड फोटोग्राफ समेत आवश्यक अभिलेख भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि शहर में विकास का अर्थ केवल बड़े निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग, छोटे कारोबारियों को व्यवस्थित स्थान देना, यातायात को सुगम बनाना और स्वच्छ एवं सुंदर नगर का वातावरण तैयार करना भी शहरी विकास का अहम हिस्सा है। इसी सोच के तहत वेंडर जोन की परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यवस्थित शहर की दिशा में बड़ा कदम
जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से स्वीकृत यह परियोजना रॉबर्ट्सगंज के शहरी स्वरूप में बदलाव की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। इससे एक ओर स्ट्रीट वेंडरों को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से कारोबार करने का अवसर मिलेगा, तो दूसरी ओर सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली अव्यवस्था कम होगी। एनसीएल की सीएसआर निधि से प्रस्तावित यह परियोजना मार्च 2027 तक पूरी होने के बाद रॉबर्ट्सगंज में सड़क किनारे वेंडिंग की समस्या को काफी हद तक व्यवस्थित करने में मददगार हो सकती है। इससे यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, पैदल आवागमन को सुरक्षित करने, स्वच्छता बनाए रखने और नगर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने की उम्मीद है। वेंडरों की रोजी-रोटी बचाते हुए शहर को व्यवस्थित करने की यह पहल रॉबर्ट्सगंज को अधिक सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त नगर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


