Sonbhadra: जंगल में मौत का तांडव: भालू ने युवक को बनाया निवाला, शव छुड़ाने पहुंचे ग्रामीणों पर भी टू

Sonbhadra News: सोनभद्र के गहिला जंगल में जंगली भालू ने लकड़ी बीनने गए युवक को मार डाला। युवक की तलाश में पहुंचे ग्रामीणों पर भी भालू ने हमला कर दिया, जिसमें दो लोग घायल हो गए।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 18 Jun 2026 9:29 PM IST
Sonbhadra: जंगल में मौत का तांडव: भालू ने युवक को बनाया निवाला, शव छुड़ाने पहुंचे ग्रामीणों पर भी टू
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Sonbhadra News: गहिला जंगल में गुरुवार को सामने आया मंजर इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी। लकड़ी बीनने के लिए जंगल गए एक युवक को जंगली भालू ने मौत के घाट उतार दिया। हैरत की बात यह रही कि युवक की तलाश में पहुंचे ग्रामीणों को भी भालू ने अपना निशाना बना लिया। इस खूनी हमले में दो ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और जंगल से सटे गांवों के लोगों में भय का माहौल है।

घर नहीं लौटा तो बढ़ी चिंता, शुरू हुई तलाश

लोहरा गांव निवासी 35 वर्षीय राजू बुधवार को रोज की तरह जंगल में लकड़ियां बीनने गया था। शाम ढल गई, रात हो गई, लेकिन वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने पहले रिश्तेदारों और परिचितों के यहां पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू की गई।

जंगल में मिला खौफनाक मंजर

गुरुवार सुबह चरवाहों से मिली सूचना के बाद परिजन और ग्रामीण गहिला जंगल के अंदर पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। एक जंगली भालू युवक के शव के पास मौजूद था और शव बुरी तरह क्षत-विक्षत पड़ा था। यह नजारा इतना भयावह था कि कई लोग डर के मारे पीछे हट गए।ग्रामीणों ने शोर मचाकर भालू को वहां से भगाने की कोशिश की, लेकिन भालू पीछे हटने के बजाय और ज्यादा आक्रामक हो गया। अचानक उसने ग्रामीणों की ओर दौड़ लगा दी। इससे जंगल में भगदड़ मच गई। हमले में सोनभद्र के सुकृत चौकी क्षेत्र के तकिया गांव निवासी कल्लू कोल (28) पुत्र बाबूलाल कोल सहित एक अन्य ग्रामीण घायल हो गए। दोनों को गंभीर चोटें आईं। किसी तरह ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए भालू को खदेड़ा और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा।

घटना से दहला पूरा इलाका

युवक की मौत और ग्रामीणों पर हमले की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में सनसनी फैल गई। जंगल पर निर्भर परिवारों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब जंगल जाना खतरे से खाली नहीं रह गया है। लोग अपने पशुओं को चराने और लकड़ी बीनने जाने से भी डर रहे हैं।सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

क्या पानी की तलाश में बेकाबू हो रहे वन्यजीव?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बीच जंगलों के प्राकृतिक जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं। कई स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास अतिक्रमण की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। पानी और भोजन की तलाश में वन्यजीव जंगलों से निकलकर आबादी की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल क्षेत्र में विशेष गश्त चलाने, वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।गहिला जंगल की यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर जंगल और इंसानों के बीच बढ़ती दूरी का खामियाजा कब तक ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ेगा।

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