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Sonbhadra News : सोनभद्र में बिजली और डूबने से मौत पर परिजनों को 4-4 लाख की राहत, डीएम की चेतावनी
Sonbhadra News : सोनभद्र में आकाशीय बिजली और डूबने से हुई मौतों के बाद परिजनों को 4-4 लाख रुपये की राहत राशि देने की प्रक्रिया तेज की गई।
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Sonbhadra News : जनपद में आकाशीय बिजली और डूबने की लगातार सामने आ रही दर्दनाक घटनाओं के बीच प्रशासन ने राहत वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली अहैतुक सहायता राशि स्वीकृत कर उनके खातों में भेजी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आपदा पीड़ित परिवारों को राहत देने में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी।
बुधवार को जिलाधिकारी ने बताया कि हाल ही में आकाशीय विद्युत की चपेट में आकर जान गंवाने वाली अंशिका पुत्री रमाशंकर निवासी नौगवांनंदलाल (घोरावल) तथा आंचल पुत्री विनोद निवासी बसदेवा (राबर्ट्सगंज) के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होते ही धनराशि उनके खातों में हस्तांतरित की जा रही है।
डूबने से हुई मौतों पर भी प्रशासन सक्रिय
जिलाधिकारी के अनुसार डूबने की अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले पीयूष पुत्र मिथलेश निवासी कोटा (दुद्धी) और पवन कुमार पुत्र मुखलाल निवासी नैकहा (ओबरा) के परिजनों को भी चार-चार लाख रुपये की राहत सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
इसके अलावा कृष्ण निषाद पुत्र अरविंद निषाद निवासी रोगही (कोन) तथा अंकित कुमार पुत्र उदय निवासी कोटा (दुद्धी) के मामलों में पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही उनके परिजनों को भी नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
डीएम की सख्त अपील: मौसम को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंधी, तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर खड़े न हों।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में नदी, तालाब, पोखरे और जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखना जरूरी है, क्योंकि अधिकांश हादसे लापरवाही और असावधानी के कारण होते हैं।
सतर्कता ही बचा सकती है जिंदगी
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचना दें तथा सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनसहभागिता, जागरूकता और समय रहते बरती गई सावधानी ही जनहानि को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि राहत पहुंचाने के साथ-साथ अब आपदा से बचाव को लेकर भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बारिश और खराब मौसम के दौरान किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े।


