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Sonbhadra: क्रशर बेल्ट में धूल प्रदूषण पर सख्ती, चार नगर क्षेत्रों में रोज चलेंगी स्प्रिंकलर मशीनें
Sonbhadra News: सोनभद्र के ओबरा, डाला, अनपरा और रॉबर्ट्सगंज क्षेत्रों में बढ़ते धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने स्प्रिंकलर मशीनों के नियमित संचालन की योजना लागू की है, जिससे एयर क्वालिटी में सुधार की उम्मीद है।
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Sonbhadra News: जनपद के औद्योगिक और क्रशर प्रभावित इलाकों में बढ़ते धूल प्रदूषण और लगातार खराब हो रहे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर ओबरा, डाला, अनपरा और रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की व्यापक कार्ययोजना लागू कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि लगातार उड़ रही धूल से आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी हो गया है।जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) से खरीदी गई अत्याधुनिक वॉटर स्प्रिंकलर एप्लीकेशन माउंटेड मशीनों को अब सड़क और क्रशर क्षेत्रों में नियमित संचालन के लिए उतार दिया गया है। इन मशीनों के जरिए धूल उड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर प्रतिदिन तय समय के अनुसार पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
ओबरा-डाला क्षेत्र में सबसे ज्यादा फोकस
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक ओबरा और डाला क्षेत्र में शारदा मंदिर चौराहे से जिला पंचायत मोड़, बग्घानाला मोड़ से अल्ट्राटेक गेट, लगड़ा मोड़ से गजराज नगर और जिला पंचायत कार्यालय से रासपहाड़ी रोड तक नियमित स्प्रिंकलिंग कराई जाएगी।इन मार्गों पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक तथा शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक मशीनें संचालित होंगी। यह क्षेत्र लंबे समय से क्रशर गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण धूल प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है।
अनपरा और रॉबर्ट्सगंज में भी चलेगा अभियान
अनपरा क्षेत्र में डिबुलगंज से औड़ी मोड़, काशी मोड़ होते हुए ककरी परियोजना तक स्प्रिंकलर मशीनों द्वारा पानी का छिड़काव किया जाएगा। वहीं नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में लोढ़ी टोल प्लाजा से तहसील रोड तक नियमित रूप से सड़कें तर की जाएंगी।प्रशासन का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं बल्कि लगातार मॉनिटरिंग के जरिए वास्तविक सुधार सुनिश्चित करना है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रतिदिन की कार्रवाई की शॉर्ट वीडियो क्लिप, जीपीएस युक्त फोटोग्राफ और वाहनों की जीपीएस रीडिंग उपलब्ध कराई जाए।
मॉनिटरिंग होगी हाईटेक, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में स्प्रिंकलिंग कार्य में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि गर्मी के मौसम में धूल कण तेजी से हवा में फैलते हैं, जिससे सांस और एलर्जी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।क्रशर और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से सड़क किनारे उड़ती धूल लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी। नियमित पानी छिड़काव शुरू होने से वातावरण में सुधार और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।


