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Sonbhadra News: सस्ते लैपटॉप का झांसा देकर न्यूड वीडियो से ब्लैकमेल करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार
Sonbhadra News: सोनभद्र में फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का झांसा देकर साइबर ठगी और AI से फर्जी न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले 25 हजार के इनामी आरोपी वारिस खान को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
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Sonbhadra News: जनपद के बीजपुर में एक बेकसूर युवक की मौत के जिम्मेदार शातिर साइबर ठग को पुलिस ने राजस्थान से खींच निकाला है। फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का लालच देकर नेटवर्क जाल फैलाने वाले इस मास्टरमाइंड ने एक मासूम को इस कदर ब्लैकमेल किया कि उसे मौत को गले लगाने पर मजबूर होना पड़ा। 25 हजार रुपये के इनामी ठग को बभनी और साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोच लिया है।
सस्ते लैपटॉप की आड़ में रची ब्लैकमेलिंग की खौफनाक साजिश
राजस्थान के खैरथल-तिजारा निवासी वारिस खान पुत्र खुर्शीद खान सोशल मीडिया पर सस्ते लैपटॉप का विज्ञापन डालकर सीधे-सादे लोगों को अपने जाल में फंसाता था। बीजपुर थाना क्षेत्र के मेमना गांव निवासी प्रवेश कुमार पुत्र गुलाब चंद्र भी इसी झांसे का शिकार बन गया। आरोपी ने पहले लैपटॉप भेजने, प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर पैसे ऐंठे। इसके बाद एक लिंक भेजकर प्रवेश के पूरे मोबाइल फोन का एक्सेस अपने कब्जे में ले लिया।मोबाईल का एक्सेस हासिल करते ही ठग ने पीड़ित के निजी डाटा की चोरी कर ली। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर पीड़ित का फर्जी न्यूड वीडियो तैयार किया। इस अश्लील वीडियो को प्रवेश के परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों में वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। बार-बार आती धमकियों और लोक-लाज के डर से टूट चुके प्रवेश ने आखिरकार 5 जून 2026 को खुदकुशी कर ली।
मौत के बाद घबराए ठगों ने बंद कर लिए थे फोन
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी वारिस खान ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घटना के अगले दिन जब प्रवेश ने फोन नहीं उठाया, तो उन्हें अनहोनी का अहसास हो गया। पकड़े जाने के डर से गिरोह के सभी सदस्यों ने अपने मोबाइल तुरंत बंद कर दिए थे। ठगी की रकम में से ज्यादातर हिस्सा खर्च हो चुका था और आरोपी के पास से सिर्फ 1,050 रुपये ही बरामद हो सके।घटना के बाद जब मृतक के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जांच शुरू हुई। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक बभनी अरविन्द कुमार सरोज और साइबर थाने के उप-निरीक्षक आशीष पटेल की टीम गठित की गई। साइबर सेल ने जब बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन की पड़ताल की, तो तार राजस्थान के अलवर से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने अलवर में छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा।
चार राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
20 वर्षीय आरोपी वारिस खान कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर क्राइम का बड़ा जाल चला रहा था----
हरियाणा: टेलीग्राम टास्क फ्रॉड के जरिए 15,740 रुपये की ठगी।
गुजरात: फर्जी कस्टमर केयर बनकर 3,860 रुपये ऐंठे।
राजस्थान: लैपटॉप बेचने के नाम पर 13,327 रुपये की चपत लगाई।
पश्चिम बंगाल: पुराने नोटों को नई करेंसी में बदलने का लालच देकर 50,950 रुपये उड़ाए।
बरामदगी और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और 1,050 रुपये नगद बरामद किए हैं। इसी मोबाइल के मोबीक्विक (MobiKwik) वॉलेट में घटना वाले दिन ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। आरोपी के खिलाफ बीजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 308(2) और 66D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जा रहा है।इस साइबर अपराधी को पकड़ने में प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार सरोज (थाना बभनी), उप-निरीक्षक आशीष पटेल (साइबर क्राइम थाना), हेड कांस्टेबल लाला सोनकर और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह की मुख्य भूमिका रही।


