Sonbhadra: IGRS पर डीएम का बड़ा प्रहार, शिकायतों में लापरवाही पड़ी भारी, लेखपाल निलंबित

Sonbhadra News: सोनभद्र में IGRS शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 3 Jun 2026 8:08 PM IST
Sonbhadra: IGRS पर डीएम का बड़ा प्रहार, शिकायतों में लापरवाही पड़ी भारी, लेखपाल निलंबित
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Sonbhadra News: जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों, राजस्व मामलों तथा अंश निर्धारण कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाही उजागर होने पर एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अधिकारियों और कर्मचारियों का जून माह का वेतन रोक दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

लापरवाही पर गिरी निलंबन की गाज

उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज द्वारा जारी आदेश के अनुसार राजस्व निरीक्षक क्षेत्र रायपुर के अंतर्गत सुरसत खुर्द में तैनात लेखपाल मदन मोहन यादव को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।जांच में सामने आया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण नहीं किया गया। इसके अलावा अंश निर्धारण से जुड़े मामलों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। प्रशासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कठोर कदम उठाया।

कई तहसीलदारों और अधिकारियों से मांगा गया जवाब

प्रशासनिक समीक्षा में कार्यों की धीमी प्रगति और शिकायतों के समाधान में ढिलाई पाए जाने पर तहसीलदार सदर, तहसीलदार ओबरा, तहसीलदार घोरावल, तहसीलदार दुद्धी तथा क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।

वेतन रोककर दिया कड़ा संदेश

आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में असंतोषजनक प्रदर्शन और खराब फीडबैक मिलने पर अधीक्षण अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत पिपरी, क्षेत्रीय वनाधिकारी वन प्रभाग सोनभद्र (एसडीओ), अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत डाला, क्षेत्रीय वनाधिकारी वन प्रभाग ओबरा, खंड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज, थानाध्यक्ष बभनी तथा अधिशासी अभियंता मीरजापुर नहर प्रखंड सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मियों का जून माह का वेतन रोक दिया गया है।वेतन रोकने की कार्रवाई की जद में तिलौली कला, बैराखड़, पिड़ारी, पतरिहा, चौना, घिवाही, सलहियाडीह, मारकुंडी, अइलकर, सुकृत, व्यवहारी, जेंदी, चिंतामानपुर, परही, मधुपुर, गुल्लीडाड़ और बट्ट समेत विभिन्न क्षेत्रों के लेखपाल भी शामिल हैं।

सुशासन और जवाबदेही पर प्रशासन का फोकस

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि जन शिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आम जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही, राजस्व मामलों में शिथिलता और न्यायालयीय कार्यों में उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस सख्ती को सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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