Sonbhadra News: बाढ़-सूखा राहत तैयारियों पर डीएम सख्त, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Sonbhadra News: सोनभद्र में जिलाधिकारी ने बाढ़ और सूखे की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 30 May 2026 8:02 PM IST
Sonbhadra News: बाढ़-सूखा राहत तैयारियों पर डीएम सख्त, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
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Sonbhadra News: मानसून से पहले बाढ़ और संभावित सूखे की चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने साफ शब्दों में कहा कि राहत एवं बचाव तैयारियों में किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले प्रभावी तैयारी ही जन-धन की हानि को रोकने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए सभी विभाग अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी कर लें।

संवेदनशील गांवों में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग और जिला पंचायत विभाग को निर्देशित किया गया कि हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों को प्राथमिकता सूची में रखा जाए। इन क्षेत्रों में विशेष चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव, राहत व्यवस्था और पुनर्वास संबंधी जानकारी दी जाए। साथ ही गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया जाए।

डीएम ने कहा कि केवल प्रशासनिक तैयारियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आमजन को भी आपदा के प्रति जागरूक और सतर्क बनाना आवश्यक है।बरसात के दौरान डूबने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने तालाबों, पोखरों, बंधियों और अन्य संवेदनशील जलाशयों पर तत्काल चेतावनी संबंधी साइनेज बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड नहीं पाए गए तो संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है और इसके लिए सुरक्षा संबंधी सभी उपाय समय रहते पूरे किए जाने चाहिए।

व्हाट्सएप ग्रुप से बनेगा त्वरित सूचना तंत्र

बैठक में बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील गांवों के लिए आधुनिक सूचना तंत्र विकसित करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक संवेदनशील गांव का व्हाट्सएप समूह बनाया जाए, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान और स्थानीय जिम्मेदार लोग जुड़े रहें। इससे किसी भी आपदा या आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभागों तक पहुंच सकेगी और राहत कार्यों में तेजी आएगी।

स्कूलों में भी पढ़ाया जाएगा आपदा प्रबंधन का पाठ

जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को बाढ़, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। उनका कहना था कि बच्चों के माध्यम से जागरूकता का संदेश तेजी से समाज तक पहुंचता है और इससे आपदा के समय होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सीएम के निर्देशों के अनुरूप तैयारी पूरी करने पर जोर

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सभी विभाग राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों, उपकरणों और मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज राय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अजय कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस बार बाढ़ और सूखे जैसी संभावित आपदाओं को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Shalini singh

Shalini singh

News Publisher Mail ID - Shalinisingh34678346@gmail.com

उप संपादक | डिजिटल मीडिया पत्रकार

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