सोनभद्र दहेज हत्या केस में बड़ा फैसला: पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया सख्त सजा

Sonbhadra News: सोनभद्र में दहेज हत्या के 6 साल पुराने मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने 1.15 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया, पुलिस की मजबूत पैरवी से मिली सफलता।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 19 Jun 2026 10:32 PM IST (Updated on: 19 Jun 2026 10:33 PM IST)
सोनभद्र दहेज हत्या केस में बड़ा फैसला: पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया सख्त सजा
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Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को आखिरकार कानून ने ऐसा दंड दिया है, जो समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। करीब छह वर्ष पुराने हत्या एवं दहेज उत्पीड़न के चर्चित मामले में सोनभद्र पुलिस की प्रभावी पैरवी, मजबूत साक्ष्य और अभियोजन पक्ष की सशक्त दलीलों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर कुल 1 लाख 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह सफलता जनपद में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत हासिल हुई है। पुलिस अधिकारियों ने इसे अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी उपलब्धि बताया है।

हत्या और दहेज उत्पीड़न के मामले में कोर्ट का सख्त फैसला

मामला थाना रायपुर क्षेत्र का है। वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 45/2020 में आरोपी पर पत्नी की हत्या करने तथा उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप था। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्यों का गहन संकलन किया और न्यायालय में हर तथ्य को मजबूती से प्रस्तुत किया। जांच के दौरान जुटाए गए सबूत, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी ने आरोपी के खिलाफ ऐसा कानूनी शिकंजा तैयार किया, जिससे वह बच नहीं सका। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आखिरकार अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई।

उम्रकैद के साथ भारी जुर्माना

माननीय एएसजे/एफटीसी/सीएडब्ल्यू न्यायालय, सोनभद्र ने सिकारपुर निवासी मनोज बनवासी पुत्र सागर बनवासी को दोषसिद्ध घोषित किया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड, धारा 498ए के तहत दो वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

ऑपरेशन कन्विक्शन की एक और बड़ी सफलता

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत अपराधियों को सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में थाना रायपुर पुलिस, अभियोजन अधिकारी, कोर्ट मोहर्रिर और जनपद मॉनिटरिंग सेल ने इस मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की। इसी संयुक्त प्रयास का परिणाम रहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध के आरोपी को न्यायालय से कठोर दंड दिलाया जा सका।

अपराधियों के लिए कड़ा संदेश

इस फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराधों में कानून का शिकंजा भले देर से कसता हो, लेकिन अपराधी अंततः सजा से बच नहीं सकता। सोनभद्र पुलिस ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, हत्या, दहेज उत्पीड़न और अन्य गंभीर मामलों में दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए अभियान आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय और समाज में दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ एक सख्त चेतावनी माना जा रहा है।

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