Sonbhadra News: सोनभद्र कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, दहेज हत्या मामले में दोषियों को सख्त सजा

Sonbhadra News: दहेज के लालच में एक विवाहिता की जिंदगी छीन लेने वाले दोषियों पर आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 29 May 2026 9:53 PM IST
Sonbhadra News: सोनभद्र कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, दहेज हत्या मामले में दोषियों को सख्त सजा
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Sonbhadra News: दहेज के लालच में एक विवाहिता की जिंदगी छीन लेने वाले दोषियों पर आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया। सोनभद्र पुलिस की प्रभावी विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और अदालत में मजबूत पैरवी के चलते दहेज हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने दो अभियुक्तों को कठोर कारावास और भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चलाए जा रहे अभियान में यह कार्रवाई सोनभद्र पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन तथा पुलिस महानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर थाना क्षेत्र के दहेज हत्या प्रकरण में न्यायालय ने दोषियों को कड़ी सजा देकर बड़ा संदेश दिया है।

दहेज प्रताड़ना से मौत तक पहुंचा मामला

रायपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज हुए इस मामले में विवाहिता को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप था। मामला इतना गंभीर हो गया कि विवाहिता की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने दहेज हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मुकदमे में तपेश्वर पुत्र स्वर्गीय शंभूनाथ तथा उर्मिला पत्नी स्वर्गीय शंभूनाथ निवासी रायपुर थाना रायपुर जनपद सोनभद्र को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को मजबूत तरीके से संकलित किया।

अदालत ने सुनाई कड़ी सजा

विशेष न्यायालय/एससी-एसटी एक्ट सोनभद्र ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया। अदालत ने धारा 304बी भादवि के तहत 10-10 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 498ए के तहत 3-3 वर्ष का कठोर कारावास तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत 2-2 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर ₹40-40 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।

पुलिस, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल की रही अहम भूमिका

इस मामले में थाना रायपुर पुलिस, विवेचक, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने लगातार समन्वय बनाकर अदालत में प्रभावी पैरवी की। मजबूत गवाही और ठोस साक्ष्यों के चलते बचाव पक्ष के तर्क कमजोर पड़ गए और अदालत ने अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई। सोनभद्र पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ यह फैसला न केवल दोषियों के लिए सख्त चेतावनी है बल्कि समाज को भी बड़ा संदेश देता है कि बेटियों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को कानून किसी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है।

Harsh Sharma

Harsh Sharma

Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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