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Sonbhadra News: आईजीआरएस शिकायतों पर सख्ती, लापरवाही पर गिरी गाज, कई अधिकारियों का वेतन रोका गया
Sonbhadra News: सोनभद्र में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त कार्रवाई की है।
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Sonbhadra News: जनसुनवाई समाधान पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त जन शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की शिकायत निस्तारण प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।
असंतुष्ट फीडबैक पर सख्त कार्रवाई
बैठक के दौरान यह सामने आया कि कई विभागों में निस्तारित शिकायतों पर असंतुष्ट फीडबैक की संख्या अधिक है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल निगम के अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तथा समाज कल्याण विभाग के पाँच एडीओ के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
शिकायत निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण स्थल पर जाकर वास्तविक जांच के बाद ही किया जाए तथा शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य होगा।उन्होंने कहा कि निस्तारण के दौरान की गई कार्रवाई के जीपीएस युक्त फोटोग्राफ्स पोर्टल पर अपलोड किए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही अधिकारियों को प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल पर लॉगिन कर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
अंतिम दिन निस्तारण पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अंतिम तिथि पर शिकायत निस्तारण करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि वास्तविक समाधान के रूप में होना चाहिए।
उच्चाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, उप जिलाधिकारी सदर अश्वनी कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी पी.के. राय, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।यह बैठक प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद है।


