TRENDING TAGS :
Sonbhadra News: प्रसव के नाम पर मौत का खेल! अवैध अस्पताल पर प्रशासन का शिकंजा, संचालक पर FIR दर्ज
Sonbhadra News: जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसके बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
Sonbhadra News
Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए कोन क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल को सील कर दिया है। प्रसव के लिए भर्ती कराई गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसके बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार कोन थाना क्षेत्र के सोना सिंगा गांव निवासी सीमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर पहले कचनरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्रारंभिक परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोन रेफर कर दिया। इसके लिए सरकारी एम्बुलेंस सेवा 108 की व्यवस्था भी की गई थी।
बताया जा रहा है कि निर्धारित सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय एम्बुलेंस कर्मी द्वारा महिला को सीधे कोन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा दिया गया, जो आवश्यक पंजीकरण और मानकों के बिना संचालित हो रहा था। आरोप है कि अस्पताल में प्रसव संबंधी ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई तथा उपचार करने वाले चिकित्सक और अन्य जिम्मेदार लोग मौके से गायब हो गए।
मामले की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया और उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर मौके पर भेजी। उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिंद तथा क्षेत्राधिकारी कोन ने अस्पताल पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के दस्तावेजों और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई।
प्रशासनिक जांच में अस्पताल के बिना वैध पंजीकरण संचालित होने की पुष्टि होने पर तत्काल प्रभाव से उसे सील कर दिया गया। वहीं मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
जांच के आधार पर अस्पताल संचालक नसीम अहमद के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। एम्बुलेंस के जरिए मरीज को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल ले जाने की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


