Sonbhadra News: फर्जी अस्पतालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, दो सील, नवजात मिला, संचालक फरार

Sonbhadra News: दुद्धी में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो अवैध अस्पताल सील, छापेमारी के दौरान नवजात मिला, संचालक फरार।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 30 Jun 2026 7:45 PM IST
Sonbhadra News: फर्जी अस्पतालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, दो सील, नवजात मिला, संचालक फरार
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Sonbhadra News: जनपद के दुद्धी कस्बे में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अस्पतालों को सील कर दिया। छापेमारी के दौरान ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे अवैध कारोबार की परतें खोल दीं। पहले से सील समृद्धि हॉस्पिटल का पिछले दरवाजे से संचालन होता मिला, जबकि अमवार रोड स्थित एक अवैध चाइल्ड हॉस्पिटल में ताला तोड़कर प्रवेश करने पर वार्ड में एक नवजात शिशु मिला। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सील समृद्धि हॉस्पिटल में पीछे के रास्ते से जारी था इलाज

संयुक्त टीम सबसे पहले समृद्धि हॉस्पिटल पहुंची, जिसे पहले भी अवैध संचालन के कारण सील किया जा चुका था। जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद रखकर पिछले रास्ते से मरीजों का इलाज किया जा रहा था। टीम को मौके पर कुदरी गांव निवासी पार्वती पुत्री शनिचरा भर्ती मिली, जो पिछले चार दिनों से बुखार और कमजोरी का इलाज करा रही थी। परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि उपचार के नाम पर उनसे करीब 20 हजार रुपये वसूले गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुदरी गांव की एक आशा कार्यकर्ता गीता मरीज को इसी अस्पताल में लेकर आई थी। मौके से मिले एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने भेज दिया, जबकि अस्पताल संचालक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।

अमवार रोड के चाइल्ड हॉस्पिटल में ताला तोड़कर पहुंची टीम, वार्ड में मिला नवजात

इसके बाद संयुक्त टीम ने अमवार रोड स्थित अवैध रूप से संचालित चाइल्ड हॉस्पिटल पर छापा मारा। प्रशासन के पहुंचने की भनक लगते ही अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गए और अस्पताल में ताला बंद कर दिया। अधिकारियों ने ताला तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया तो वार्ड में एक नवजात शिशु और उसकी देखभाल कर रही एक नर्स मिली। यह नजारा देखकर अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। तत्काल एसडीएम निखिल यादव और एडिशनल सीएमओ ने नवजात को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजवाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू कराया गया।

निरीक्षण में मिली गंभीर लापरवाही, जमीन पर हो रहा था मरीज का इलाज

अभियान के दौरान एक अन्य निजी अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया। यहां एक मरीज का उपचार जमीन पर लिटाकर किया जा रहा था। यह देखकर अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और मरीजों का इलाज निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप बेड पर करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अवैध अस्पताल संचालकों पर दर्ज होगा मुकदमा

उप जिलाधिकारी निखिल यादव ने कहा कि बिना पंजीकरण संचालित किसी भी अस्पताल को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा।

कार्रवाई के बाद अवैध अस्पतालों में मचा हड़कंप

संयुक्त टीम की इस सख्त कार्रवाई के बाद दुद्धी कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में हड़कंप मच गया। कई अस्पतालों ने आनन-फानन में अपने शटर बंद कर दिए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अस्पतालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी कर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अवैध कारोबार करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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