Sonbhadra News: 2008 जेल भरो आंदोलन बवाल मामले में जपा राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित 9 को 4 साल की कैद

Sonbhadra News: प्रत्येक दोषी पर साढ़े 44 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर प्रत्येक को दो-दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।

Kaushlendra Pandey
Published on: 16 July 2025 9:19 PM IST
Sonbhadra News: 2008 जेल भरो आंदोलन बवाल मामले में जपा राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित 9 को 4 साल की कैद
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2008 जेल भरो आंदोलन बवाल मामले में जपा राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित 9 को 4 साल की कैद  (photo: social media )

Sonbhadra News: वर्ष 2008 में 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान रॉबर्ट्सगंज सदर तहसील परिसर में हुए बवाल के एक मामले में जनवादी पार्टी (जपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित नौ लोगों को दोषी पाया गया है। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जितेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने 17 वर्ष पुराने इस मामले में सुनवाई करते हुए सभी नौ दोषियों को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर साढ़े 44 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर प्रत्येक को दो-दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।

27 मई 2008 को हुआ था बवाल, सरकारी जीप फूंक दी गई थी:

घटना 27 मई 2008 की है, जब जनवादी पार्टी की तरफ से रॉबर्ट्सगंज तहसील परिसर में जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया गया था। दोपहर करीब सवा एक बजे आंदोलन के दौरान बवाल की स्थिति बन गई। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय चौहान के ललकारने पर सैकड़ों की संख्या में लोग लाठी-डंडा, कट्टा, ईंट, पत्थर आदि से लैस होकर आए और वहां मौजूद पुलिस बल पर हमला बोल दिया। इस हमले में एक दरोगा सहित कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। तहसील परिसर में खड़ी बीडीओ रॉबर्ट्सगंज की सरकारी जीप को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे तहसील और कचहरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

प्रकरण में आरोपी और फैसला:

इस मामले में पुलिस ने जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय चौहान, जिलाध्यक्ष धर्मराज चौहान, महासचिव राम दुलारे सिंह चौहान, कल्लू चौहान, राधेश्याम चौहान, संजय चौहान, धर्मेंद्र चौहान, रामबदन चौहान और लक्टू चौहान को गिरफ्तार किया था। आगजनी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर, केस की विवेचना की गई और पर्याप्त सबूत मिलने का दावा करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

सुनवाई के दौरान उपरोक्त सभी को दोषी पाया गया और उन्हें कारावास के साथ ही अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पारित निर्णय में कहा गया कि अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि उनकी सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पैरवी सरकारी अधिवक्ता विनोद कुमार पाठक ने की। इस मामले में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में धारा 147, 148, 307, 149, 332, 336, 353, 435, 504, 506 आईपीसी, 4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 7 सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इस फैसले से करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में न्याय का रास्ता साफ हुआ है।

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पत्रकारिता के क्षेत्र में मुझे 4 सालों का अनुभव हैं. जिसमें मैंने मनोरंजन, लाइफस्टाइल से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल ख़बरें लिखी. साथ ही साथ वायस ओवर का भी काम किया. मैंने बीए जर्नलिज्म के बाद MJMC किया है

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