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Sonbhadra News: सोनभद्र में जीरा कोल्ड ड्रिंक की आड़ में 93 लाख की शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
Sonbhadra News: सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में पुलिस, एसओजी और तीन चौकियों की संयुक्त टीम ने लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की पेटियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 625 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की।
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Sonbhadra News: शीतल पेय की पेटियों को ढाल बनाकर अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने का खेल सोनभद्र में बेनकाब हुआ है। लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की पेटियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 625 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद कर पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और तीन पुलिस चौकियों की संयुक्त टीम ने ट्रक समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बरामद शराब में रॉयल स्टैग और रॉयल ग्रीन ब्रांड की कुल 9,588 शीशियां मिली हैं। पुलिस के मुताबिक शराब की अनुमानित कीमत 65 लाख रुपये, कोल्ड ड्रिंक की कीमत करीब 2.85 लाख रुपये और ट्रक की कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। दो मोबाइल फोन सहित कुल बरामदगी का अनुमानित मूल्य करीब 93 लाख रुपये आंका गया है।
कोल्ड ड्रिंक की आड़ में छिपा था शराब का जखीरा
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अवैध शराब की तस्करी और कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय/नगर मेविस टॉक के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और हिन्दुआरी, चुर्क व लोढ़ी चौकियों की संयुक्त टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान तस्करी का पर्दाफाश किया।14 और 15 अक्टूबर की दरम्यानी रात शारदीय नवरात्र और दशहरा पर्व के मद्देनजर पुलिस की टीमें वाहनों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पंचमुखी हनुमान मंदिर से आगे चुर्क की ओर सड़क से हटकर मैदान में एक ट्रक खड़ा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक की जांच की तो केबिन में बैठे दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान हिमाचल प्रदेश निवासी नसीब चन्द राजपूत और कृष्णपाल राजपूत के रूप में बताई।
बिल दिल्ली का, माल की कहानी हरियाणा से रांची तक
ट्रक में लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक लदी होने की बात कहते हुए दोनों व्यक्तियों ने पुलिस के सामने इनवॉइस और ई-वे बिल प्रस्तुत किए। दस्तावेजों में माल दिल्ली से झारखंड भेजे जाने का उल्लेख था, जबकि पूछताछ में दोनों ने शराब और अन्य माल हरियाणा के पानीपत तथा पंचकूला से लादकर झारखंड की राजधानी रांची ले जाने की बात बताई। दस्तावेजों और उनके बयानों में अंतर मिलने पर पुलिस ने ट्रक की गहन तलाशी ली।
जांच के दौरान कोल्ड ड्रिंक की पेटियों के नीचे छिपाकर रखी गई अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप सामने आई। बोतलों पर स्पष्ट रूप से ‘ओनली फॉर पंजाब सेल’ अंकित था। इसके बावजूद शराब को दूसरे राज्यों में ले जाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपित शराब के परिवहन और बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों में विसंगतियों के साथ भ्रामक और कूटरचित कागजात के इस्तेमाल के तथ्य भी प्रारंभिक जांच में सामने आए हैं।
तीन श्रेणियों में मिलीं 9,588 शीशियां
ट्रक से बरामद शराब में रॉयल स्टैग और रॉयल ग्रीन ब्रांड की अलग-अलग क्षमता वाली शीशियां शामिल हैं। पुलिस ने 750 एमएल की रॉयल स्टैग की 407 पेटियों में 4,884 शीशियां, 180 एमएल की रॉयल स्टैग की 58 पेटियों में 2,784 शीशियां और 750 एमएल की रॉयल ग्रीन की 160 पेटियों में 1,920 शीशियां बरामद कीं। इस तरह कुल 625 पेटियों में 9,588 शीशियां मिलीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई गई है।इसके अलावा लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की 1,275 यूनिट बरामद हुईं, जिनका अनुमानित मूल्य 2 लाख 85 हजार रुपये है। तस्करी में इस्तेमाल ट्रक की कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है। दो मोबाइल फोन और शराब के परिवहन से जुड़े इनवॉइस, ई-वे बिल समेत अन्य दस्तावेज भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। सभी बरामद वस्तुओं का कुल अनुमानित मूल्य करीब 93 लाख रुपये बताया गया है।
रात 1:08 बजे हुई गिरफ्तारी, मुकदमा दर्ज
पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को रात करीब 1:08 बजे दोनों आरोपितों को नियमानुसार गिरफ्तार किया। बरामद शराब, ट्रक, मोबाइल फोन और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों को विधिक प्रक्रिया के तहत कब्जे में लेकर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 839/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 60/63 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
वाहन स्वामी और तस्करी नेटवर्क की भूमिका खंगाल रही पुलिस
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि ट्रक में लदा माल वाहन स्वामी ने लोड कराया था। प्रस्तुत इनवॉइस और ई-वे बिल में माल दिल्ली से झारखंड भेजे जाने का उल्लेख था, जबकि आरोपितों ने पानीपत और पंचकूला से माल लेकर रांची जाने की जानकारी दी। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस अब शराब की खेप के वास्तविक स्रोत, वाहन स्वामी की भूमिका और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पंजाब में बिक्री के लिए निर्धारित शराब हरियाणा से झारखंड तक पहुंचाने की व्यवस्था किसने की थी और इस पूरे कारोबार में किन लोगों की भूमिका है। नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं दोनों आरोपित
गिरफ्तार नसीब चन्द राजपूत (40) पुत्र रामदेव राजपूत, ग्राम जामली, थाना बिलासपुर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश का निवासी है। दूसरा आरोपित कृष्णपाल राजपूत (38) पुत्र दिलाराम, ग्राम एवं पोस्ट काथला, थाना स्वारघाट, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। दोनों को रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में पंचमुखी हनुमान मंदिर से आगे चुर्क की ओर सड़क से हटकर मैदान में खड़े ट्रक से बरामदगी के बाद गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त कार्रवाई में पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
कार्रवाई करने वाली टीम में रॉबर्ट्सगंज थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, निरीक्षक अपराध बनारसी यादव, एसओजी प्रभारी रामस्वरूप वर्मा, हिन्दुआरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, चुर्क चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मनारायण भार्गव और लोढ़ी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव शामिल रहे।इसके अलावा मुख्य आरक्षी संदीप यादव, मुख्य आरक्षी राजेश यादव (एसओजी), मुख्य आरक्षी अमरजीत यादव, मुख्य आरक्षी रामसिंह, आरक्षी सतेन्द्र कुमार, आरक्षी पंकज यादव, आरक्षी अभिमन्यु पाण्डेय, आरक्षी रितेश पटेल (एसओजी), आरक्षी सत्यम पाण्डेय (एसओजी), आरक्षी जयप्रकाश सरोज (एसओजी), आरक्षी अजीत कुमार (एसओजी) और आरक्षी रामसिंह यादव ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया।पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से करीब 93 लाख रुपये मूल्य की बरामदगी हुई है। अब विवेचना के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और अंतरराज्यीय तस्करी का नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था।


