Sonbhadra: 13 साल से लापता बेटे का ‘भेष’ बनाकर मां को फंसाया, छह लाख की ठगी का जाल, चार गिरफ्तार

Sonbhadra News: सोनभद्र में 13 साल से लापता युवक बनकर परिवार से छह लाख रुपये ठगने की कोशिश का पुलिस ने खुलासा किया है। साधु के वेश में पहुंचे गिरोह ने बीमारी और बर्बादी का डर दिखाकर पांच लाख रुपये जुटाने का दबाव बनाया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 8 Sept 2026 5:25 PM IST
Sonbhadra: 13 साल से लापता बेटे का ‘भेष’ बनाकर मां को फंसाया, छह लाख की ठगी का जाल, चार गिरफ्तार
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Sonbhadra News: 13 साल से लापता युवक के नाम पर परिवार की भावनाओं से खिलवाड़ कर ठगी करने वाले गिरोह का चोपन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साधु के वेश में पहुंचे गिरोह के सदस्यों ने खुद को लापता बेटे के रूप में पेश किया और मां-परिवार की ममता को ठगी का हथियार बना लिया। छह लाख रुपये की मांग की गई। रकम न देने पर परिवार में बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया गया। परिवार पांच लाख रुपये जुटाने में लगा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

ममता को बनाया ठगी का हथियार

रामसूरत साहनी के साले का पुत्र करीब 13 वर्षों से लापता था। इसी कमजोरी को गिरोह ने अपना निशाना बनाया। नाग पंचमी के दौरान दो लोग साधु के वेश में मध्य प्रदेश के गढ़वा थाना क्षेत्र के पीपरझगर पहुंचे। उन्होंने परिवार से संपर्क कर खुद को वर्षों से लापता युवक बताया। बातचीत में परिवार और रिश्तेदारों की जानकारी जुटाई गई, ताकि कहानी को सच का रूप दिया जा सके।इसके बाद कथित युवक ने परिवार से मिलकर रोने का नाटक किया। लंबे अरसे बाद बेटे के लौटने की भावनात्मक स्थिति बनाई गई। विश्वास बढ़ाने के लिए मोबाइल नंबर दिया गया और परिवार को विंध्याचल बुलाया गया।

पहचान पक्की करने को दिखाए निशान

विंध्याचल पहुंचने पर आरोपितों ने कथित युवक के शरीर पर मौजूद बताए जा रहे निशान दिखाकर उसे परिवार का असली बेटा साबित करने का प्रयास किया। भावनात्मक रूप से परिवार को अपने जाल में फंसाने के बाद ठगी का असली खेल शुरू हुआ।कथित युवक ने गुरु की आज्ञा का हवाला देते हुए घर लौटने से इनकार कर दिया। बताया कि गुरु को दक्षिणा देनी है और चार हजार लोगों को चार बार भोजन कराना है। इसके नाम पर परिवार से छह लाख रुपये मांगे गए।रकम देने में असमर्थता जताने पर गिरोह ने डर का सहारा लिया। परिवार में गंभीर बीमारी आने और पूरा परिवार बर्बाद हो जाने जैसी बातें कही गईं। आर्थिक हालत खराब होने की बात सामने आने पर छह लाख की मांग घटाकर पांच लाख रुपये कर दी गई।बेटे के मिलने की उम्मीद में परिवार आरोपितों के जाल में फंस गया। पांच लाख रुपये जुटाने के लिए पशु, मकान और जमीन तक गिरवी रखने की तैयारी होने लगी। आरोपित लगातार अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर रुपये की मांग करते रहे।

एक लाख पहुंचा, फिर भी नहीं थमी लालच की भूख

परिवार ने विंध्याचल पहुंचकर रुपये देने की बात कही तो आरोपित मुगलसराय की ओर चले गए। इसके बाद कथित युवक ने खाते में एक लाख रुपये भेजने की बात कही। परिवार के एक सदस्य ने आरोपितों के बताए खाते में एक लाख रुपये भेज भी दिए। इसके बावजूद आरोपितों की मांग नहीं थमी। गुरु को दक्षिणा देने के नाम पर फिर एक लाख रुपये से अधिक मांगे गए।लगातार बदलते ठिकाने और बढ़ती रकम की मांग से परिवार को संदेह हुआ। आखिरकार परिवार ने चोपन पुलिस को सूचना दी।शिकायत के बाद थाना चोपन में मु0अ0सं0 347/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4), 308(5), 111(2)B, 11(4), 351(3) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुला ठगी का पुराना तरीका

पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह पहले ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाता था, जिनका कोई बेटा, बेटी या अन्य परिजन लंबे समय से लापता हो। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से साधु या अन्य वेश धारण कर परिवार तक पहुंचते थे। लापता सदस्य बनकर भावनात्मक दबाव बनाया जाता और डर-अंधविश्वास के सहारे रुपये मांगे जाते थे। पूछताछ में उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी ऐसी ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपितों में झुरा गोसाई पुत्र छोटकउ, उम्र करीब 46 वर्ष, निवासी खमउआ, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर; सिन्टू पुत्र भगई, उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी पूरे तिवारी, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर; सेहालु उर्फ सेलू पुत्र छोटकउ, उम्र करीब 66 वर्ष, निवासी खमउआ, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर और संगल प्रसाद पुत्र भगेलू गोसाई, उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी पूरे तिवारी, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर शामिल हैं।कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता, उपनिरीक्षक देवी प्रसाद मिश्रा, उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, हेड कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल संजीत कुमार और हेड कांस्टेबल पुष्प यादव शामिल रहे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व की घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगी है।

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