Sonbhadra News: जहरीले पानी और फ्लोराइड की पीड़ा से सोनभद्र की कहानी पहुंची मायानगरी तक

Sonbhadra News: सोनभद्र में फ्लोराइड, प्रदूषण और शुद्ध पेयजल की समस्या पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘हर घर शुद्ध जल’ ने मुंबई में लोगों को भावुक कर दिया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 17 Jun 2026 6:13 PM IST
Sonbhadra News: जहरीले पानी और फ्लोराइड की पीड़ा से सोनभद्र की कहानी पहुंची मायानगरी तक
X

Sonbhadra News

Sonbhadra News: देश को ऊर्जा देने वाला सोनभद्र जिला अब अपनी एक और पहचान के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। यह पहचान है प्रदूषण, फ्लोराइड और शुद्ध पेयजल के लिए वर्षों से चल रहे संघर्ष की। इसी संघर्ष और उम्मीद की कहानी को दुनिया के सामने लाने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हर घर शुद्ध जल’ ने मुंबई में आयोजित विशेष प्रमोशन कार्यक्रम में फिल्म जगत की हस्तियों को भावुक कर दिया।

मुंबई स्थित फिल्म निर्माता सुभाष घई के बल्फ थियेटर में मंगलवार देर शाम आयोजित कार्यक्रम में देश के नामचीन निर्माता, निर्देशक, कलाकार और लेखक शामिल हुए। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान दक्षिणांचल के फ्लोराइड प्रभावित गांवों, प्रदूषण से जूझते परिवारों और शुद्ध पानी के लिए संघर्ष करती जिंदगी की तस्वीरें देख कई लोग भावुक हो उठे।

फ्लोराइड की मार और शुद्ध जल की उम्मीद

डॉक्यूमेंट्री में उन गांवों की कहानी दिखाई गई है, जहां वर्षों से फ्लोराइड युक्त पानी लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। कई लोग हड्डियों की बीमारियों और शारीरिक विकृतियों का सामना कर रहे हैं। फिल्म में केंद्र सरकार की हर घर नल जल योजना के माध्यम से ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के प्रयासों को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। फिल्म यह संदेश देती है कि स्वच्छ पानी केवल सुविधा नहीं, बल्कि हर नागरिक का मूल अधिकार है। ग्रामीणों की पीड़ा और उम्मीद को संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा गया है।

फिल्मी दुनिया ने सराहा प्रयास

डॉक्यूमेंट्री के निर्माता सुरेंद्र सिंह, मानवाधिकार कार्यकर्ता बंटी श्रीवास्तव तथा निर्देशक देवेंद्र शिवाजी जाधव के प्रयासों की कार्यक्रम में खूब सराहना हुई। फिल्म जगत की हस्तियों ने कहा कि यह फिल्म मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाला दस्तावेज है। कार्यक्रम में महाभारत धारावाहिक में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान, अभिनेता अली खान, छोटे सचिन, रमेश गोयल, कृष्ण वंशल तथा फिल्म बॉर्डर के सहायक निर्देशक योगेश भारद्वाज सहित अनेक हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने सोनभद्र की जमीनी सच्चाई को देश-दुनिया तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

मंजरी-लेरिक की प्रेमगाथा पर भी होगी फिल्म

कार्यक्रम के दौरान सहायक निर्देशक योगेश भारद्वाज ने पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा से लंबी चर्चा की। इस दौरान सोनभद्र के इतिहास में दर्ज मंजरी-लेरिक की अनकही प्रेम कहानी और फ्लोराइड पीड़ितों के जीवन पर आधारित फिल्म निर्माण की संभावना पर विचार किया गया। बताया गया कि फ्लोराइड का असर केवल शरीर पर ही नहीं पड़ता, बल्कि परिवारों और रिश्तों को भी प्रभावित करता है। इसी मानवीय पहलू को भी बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी की जा रही है।

27 देशों तक पहुंची सोनभद्र की आवाज

मानवाधिकार कार्यकर्ता बंटी श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री ‘हर घर शुद्ध जल’ अब तक दुनिया के 27 देशों में प्रदर्शित की जा चुकी है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोनभद्र के पर्यावरणीय संकट और पेयजल समस्या की ओर ध्यान गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से सरकारें प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए और प्रभावी कदम उठाएंगी।

राखड़, प्रदूषित नाले और रेणुका की पीड़ा भी दिखाई गई

फिल्म में नदियों में बहते राखड़, बलिया नाला में बहते कोयला मिश्रित पानी, रेणुका क्षेत्र की पर्यावरणीय दुर्दशा तथा प्रदूषण के कारण प्रभावित हो रहे लोगों के जीवन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। फिल्म के अंत में अश्वनी सिंह, प्रभात कुमार और कौशलेंद्र पाण्डेय सहित सहयोगियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। सोनभद्र की यह कहानी अब गांवों की चौपाल से निकलकर मायानगरी मुंबई और दुनिया के 27 देशों तक पहुंच चुकी है। उम्मीद है कि यह आवाज केवल तालियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बदलाव की नई राह भी तैयार करेगी।

Mithilesh Dev Pandey
ABOUT THE AUTHOR

Mithilesh Dev Pandey

Next Story