Sonbhadra News: सोनभद्र में 1.61 करोड़ पौधों का महाअभियान,हीटवेव से राहत के लिए शुरू हुआ ‘मिशन छाया’

Sonbhadra News: सोनभद्र में बढ़ते तापमान और हीटवेव से निपटने के लिए वृक्षारोपण अभियान 2026 के तहत 1.61 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘मिशन छाया’ के तहत सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 2 Jun 2026 6:17 PM IST
Sonbhadra News: सोनभद्र में 1.61 करोड़ पौधों का महाअभियान,हीटवेव से राहत के लिए शुरू हुआ ‘मिशन छाया’
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Sonbhadra News: बढ़ती गर्मी, लगातार चढ़ता पारा और हीटवेव के बढ़ते खतरे ने पर्यावरण संरक्षण को सबसे बड़ी चुनौती बना दिया है। इसी चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वृक्षारोपण अभियान-2026 के तहत सोनभद्र जिले में इस वर्ष 1 करोड़ 61 लाख 69 हजार 686 पौधे रोपने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक मशीनरी से लेकर वन विभाग और 22 अन्य विभागों को इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि पौधरोपण को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप दिया जा सके।

जिले में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर होगा। इस दिन विभिन्न स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही जिलेभर में 2100 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर अभियान की शुरुआत की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि पर्यावरणीय असंतुलन, बढ़ते तापमान और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष जायसवाल ने बताया कि वृक्षारोपण अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग और उद्यान विभाग की विभिन्न पौधशालाओं में लाखों पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधों की गुणवत्ता और उनकी जीवित रहने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि रोपे गए पौधे भविष्य में विकसित होकर बड़े वृक्ष बन सकें।उन्होंने बताया कि कुल लक्ष्य में से 10 लाख 21 हजार 800 पौधों का रोपण वन विभाग द्वारा कराया जाएगा, जबकि शेष 59 लाख 51 हजार 686 पौधे अन्य 22 विभागों के माध्यम से लगाए जाएंगे। इसके लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित कर जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डाला रेंज स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर परिसर में विशेष पौधरोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और वृक्षों के महत्व पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा जिले के विभिन्न विकास खंडों, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी प्रकार के आयोजन होंगे। अधिकारियों का कहना है कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और संरक्षण को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

हीटवेव के खिलाफ सरकार का नया हथियार बना ‘मिशन छाया’

प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हीटवेव के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए ‘मिशन छाया’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत प्रमुख सड़कों के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि जब ये पौधे विकसित होकर वृक्ष बनेंगे तो सड़कों का सतही तापमान कम होगा और राहगीरों को प्राकृतिक छाया मिलेगी।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सड़क किनारे हरियाली की कमी के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होता है। ऐसे में मिशन छाया के तहत लगाए जाने वाले वृक्ष भविष्य में गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, भू-जल संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

हर विभाग को सौंपा गया लक्ष्य

वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए विभागवार लक्ष्य तय किए गए हैं। ग्राम्य विकास विभाग को सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। विभागों को आवंटित लक्ष्य इस प्रकार हैं—

वन विभाग – 10,21,800

पर्यावरण विभाग – 4,41,000

ग्राम्य विकास विभाग – 31,95,286

राजस्व विभाग – 2,36,600

पंचायतीराज विभाग – 3,34,800

आवास विकास विभाग – 16,900

औद्योगिक विकास विभाग – 25,900

उद्योग विभाग – 32,700

नगर विकास विभाग – 74,600

लोक निर्माण विभाग – 41,100

जल शक्ति विभाग – 50,900

रेशम विभाग – 28,000

कृषि विभाग – 7,18,000

पशुपालन विभाग – 19,800

सहकारिता विभाग – 18,500

ऊर्जा विभाग – 18,500

शिक्षा विभाग – 1,38,900

श्रम विभाग – 8,300

स्वास्थ्य विभाग – 29,000

परिवहन विभाग – 6,300

रेलवे विभाग – 33,000

रक्षा विभाग – 13,000

उद्यान विभाग – 4,44,000

गृह विभाग – 26,600

हरियाली बढ़ाने के साथ भविष्य सुरक्षित करने की कवायद

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण बेहद जरूरी है। यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधे रोपे गए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हुई तो आने वाले वर्षों में सोनभद्र का पर्यावरणीय स्वरूप काफी बदल सकता है। प्रशासन का दावा है कि यह अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की एक बड़ी पहल है।

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