Sonbhadra News: ऊर्जा चेयरमैन के सामने बिजली कर्मियों ने उठाई आवाज, लंबित समस्याएं सुलझाने की मांग

Sonbhadra News: सोनभद्र में ऊर्जा चेयरमैन के सामने बिजली कर्मियों ने अपनी लंबित समस्याएं उठाईं और समाधान की मांग की। कर्मियों ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकने की भी मांग रखी।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 1 Oct 2026 5:19 PM IST
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Sonbhadra News(Photo-Social Media)

Sonbhadra News: प्रदेश की बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने के साथ कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं ऊर्जा निगमों के चेयरमैन रणवीर प्रसाद से मुलाकात की। शक्तिभवन में हुई मुलाकात के दौरान विभिन्न श्रम संघों और सेवा संगठनों के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। समिति ने भरोसा दिलाया कि उपभोक्ताओं को बेहतर, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारी हर स्तर पर रचनात्मक सहयोग करेंगे।

समिति पदाधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधारों के साथ कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है। रणवीर प्रसाद के पूर्व कार्यकाल का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि उत्पादन निगम, ट्रांसमिशन निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में उनके कार्यकाल के दौरान कई सुधारात्मक और नई पहल से जुड़ी व्यवस्थाएं लागू हुई थीं। कर्मचारियों के कौशल विकास, नियमित प्रशिक्षण और कार्यस्थल पर सुरक्षा को प्राथमिकता देने से तकनीकी दक्षता और काम की गुणवत्ता बेहतर होने की बात भी प्रतिनिधियों ने रखी।

उपभोक्ता सुविधा के साथ कर्मचारियों के मनोबल पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, तकनीक का बेहतर इस्तेमाल और उपभोक्ता सुविधाओं को प्राथमिकता देना जरूरी है। इन व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में बिजली कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए कर्मचारियों के बीच सम्मान, भरोसे और संवाद का वातावरण बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। समिति ने चेयरमैन के समक्ष बिजली कर्मचारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों ने कहा कि अपने अधिकारों और जायज मांगों के लिए आवाज उठाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर सकारात्मक विचार किया जाना चाहिए। ऐसी कार्यवाहियों को समाप्त करने की पहल से कर्मचारियों का मनोबल मजबूत होगा और वे पूरी क्षमता के साथ विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुट सकेंगे।

मुश्किल दौर में भी मोर्चे पर डटे रहे बिजली कर्मचारी

समिति ने कहा कि विद्युत कर्मचारी सामान्य दिनों के साथ ही भीषण गर्मी, अत्यधिक बिजली मांग और प्रतिकूल मौसम जैसी परिस्थितियों में भी व्यवस्था को संभालने में जुटे रहते हैं। कुंभ मेले के दौरान भी कर्मचारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार काम किया। समिति ने कहा कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में दर्ज किए गए कई महत्वपूर्ण परिणामों के पीछे कर्मचारियों की मेहनत और जिम्मेदारी भी रही है।


प्रतिनिधियों ने कहा कि विद्युत कर्मचारी और प्रबंधन एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था के संचालन में एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए टकराव के बजाय नियमित संवाद और आपसी विश्वास के जरिए समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। कर्मचारियों की समस्याओं पर समय से बातचीत होने पर कार्यस्थल का माहौल बेहतर होगा और इसका सीधा असर उपभोक्ता सेवाओं पर भी पड़ेगा।

लंबित समस्याओं के समाधान की उम्मीद

संघर्ष समिति ने चेयरमैन को भरोसा दिलाया कि विद्युत कर्मियों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं, किसानों और प्रदेश की जनता को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना है। ऊर्जा निगमों को अधिक सक्षम और उत्तरदायी बनाने के लिए प्रबंधन की ओर से उठाए जाने वाले सकारात्मक कदमों में समिति सहयोग करेगी।

पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि रणवीर प्रसाद के नेतृत्व में ऊर्जा निगमों और कर्मचारियों के बीच संवाद और विश्वास की नई व्यवस्था विकसित होगी। इससे लंबे समय से लंबित कर्मचारी समस्याओं के समाधान की दिशा में भी ठोस पहल हो सकेगी। समिति ने यह अपेक्षा भी जताई कि कर्मचारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।

समिति ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, कृषि और आम जनजीवन के लिए मजबूत विद्युत व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में कर्मचारियों के अनुभव और तकनीकी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर बिजली व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देना और ऊर्जा निगमों की कार्यक्षमता बढ़ाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रतिनिधिमंडल में जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेन्द्र राय, पी.के. दीक्षित, सुहेल आबिद, दीपक चक्रवर्ती, श्रीचन्द, ए के श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, हरजीत सिंह, के.एस. रावत और अमिताभ सिन्हा सहित विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल तथा भरोसे के माहौल से ही प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।

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