Sonbhadra News: दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, 40 हजार रुपये जुर्माना; SC/ST एक्ट में भी सजा

Sonbhadra News: सोनभद्र में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के मामले में कमलेश यादव को दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने एससी/एसटी एक्ट में उम्रकैद और कुल 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 5 Sept 2026 8:15 PM IST
Sonbhadra News: दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, 40 हजार रुपये जुर्माना; SC/ST एक्ट में भी सजा
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Sonbhadra News: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना मांची में दर्ज दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के मामले में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी के चलते अभियुक्त कमलेश यादव को दोषसिद्ध करार दिया गया। माननीय न्यायालय ने उसे दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। दोनों धाराओं में लगाए गए अर्थदंड की कुल राशि 40 हजार रुपये है।

मामला थाना मांची क्षेत्र से जुड़ा है। इस संबंध में मु0अ0सं0-14/2024 तथा मु0नं0-245/2024 के तहत धारा 376 भादवि एवं धारा 3(2)V एससी/एसटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में अभियुक्त कमलेश यादव पुत्र राधेश्याम यादव निवासी हरभोग, थाना अधौरा, जिला कैमूर (भभुआ), बिहार को आरोपी बनाया गया था।

न्यायालय ने सुनाई कड़ी सजा

05 सितंबर 2026 को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध कर दिया। न्यायालय ने धारा 376 भादवि के तहत कमलेश यादव को 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।पुलिस के अनुसार अभियोग की विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों का सुदृढ़ संकलन किया गया। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए मामले को मजबूती से रखा। कोर्ट मोहर्रिर के समन्वय और जनपद मॉनिटरिंग सेल की लगातार निगरानी एवं प्रभावी अनुश्रवण ने भी अभियुक्त को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपराधियों के खिलाफ जारी है अभियान

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, लखनऊ एवं अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन के निर्देशन, पुलिस उपमहानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र मिर्जापुर के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर मामलों में दोषियों को न्यायालय से प्रभावी सजा दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मांची थाने के इस मामले में अभियुक्त को कठोर दंड मिलना सोनभद्र पुलिस की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।

Sonbhadra: गैंगस्टर पर चला कानून का शिकंजा, तीन साल की जेल और पांच हजार जुर्माना

सोनभद्र। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी विवेचना, मजबूत साक्ष्य और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी आशीष विश्वकर्मा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।यह फैसला पांच सितंबर 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-14 (विशेष न्यायालय गैंगस्टर), सोनभद्र की अदालत ने सुनाया। न्यायालय ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का भी आदेश दिया है।

मजबूत विवेचना और पैरवी से दोषी तक पहुंची सजा

म्योरपुर थाने में वर्ष 2021 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में पुलिस ने विवेचना पूरी कर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले को मजबूती से रखा। पुलिस की प्रभावी पैरवी और लगातार निगरानी के चलते अभियुक्त के खिलाफ आरोप साबित हुए और अदालत ने उसे सजा सुनाई।मामला थाना म्योरपुर में दर्ज मु0अ0सं0 90/2021 और एसटी संख्या 1043/2022 से संबंधित है। अभियुक्त के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई थी।

वाराणसी निवासी आशीष विश्वकर्मा को मिली सजा

दोषसिद्ध अभियुक्त आशीष विश्वकर्मा पुत्र शशि विश्वकर्मा निवासी भिटारी लोहता, थाना लोहता, जनपद वाराणसी है। विशेष न्यायालय गैंगस्टर ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर उसे दोषी माना और तीन वर्ष के कारावास के साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले से पुलिस की प्रभावी पैरवी के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने की मुहिम को मजबूती मिली है।

मॉनिटरिंग सेल की निगरानी ने मजबूत की पैरवी

अभियुक्त को सजा दिलाने में म्योरपुर पुलिस के साथ अभियोजन अधिकारी, कोर्ट मोहर्रिर और जनपद मॉनिटरिंग सेल की भूमिका भी अहम रही। पुलिस ने मामले की विवेचना में साक्ष्यों को मजबूती से संकलित किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रभावी पैरवी की, जबकि मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार निगरानी और अनुश्रवण किया।सोनभद्र पुलिस के अनुसार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत अभियोजन के जरिए उन्हें न्यायालय से सजा दिलाना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसी क्रम में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लगातार ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी की जा रही है।

अपराधियों पर शिकंजा कसने का अभियान जारी

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में जिले में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ न्यायालय में मामलों की मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि दोषियों को उनके अपराध की सजा मिल सके। गैंगस्टर एक्ट के इस मामले में मिली सजा को इसी अभियान की एक और कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

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