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Sonbhadra News: 90 से 125 रुपये प्रति कुंतल राशन कोटेदारों का लाभांश, योगी सरकार ने दी बड़ी सौगात
Sonbhadra News: सोनभद्र में राशन कोटेदारों का लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल किया गया। योगी सरकार के फैसले से कोटेदारों को बड़ी राहत मिली।
Sonbhadra News(Photo-Social Media)
Sonbhadra News: प्रदेश के राशन कोटेदारों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर योगी सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन वितरण से जुड़े कोटेदारों के लाभांश में 35 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी करते हुए इसे 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के करीब 78 हजार राशन कोटेदारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। सोनभद्र में भी 786 कोटेदार इस बढ़े हुए लाभांश के दायरे में आएंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणा का जिले में हुआ सीधा प्रसारण
लाभांश बढ़ाए जाने की घोषणा के मौके पर आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और संबोधन का सोनभद्र की चारों विधानसभा क्षेत्रों रॉबर्ट्सगंज, ओबरा, दुद्धी और घोरावल में सजीव प्रसारण कराया गया। संबंधित सभागारों में राशन कोटेदारों के साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। कलेक्ट्रेट सभागार रॉबर्ट्सगंज में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूबी प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता समेत विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में राशन कोटेदार मौजूद रहे।
कोटेदारों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
सरकार के इस फैसले से राशन कोटेदारों को प्रत्येक कुंतल खाद्यान्न वितरण पर अब पहले की तुलना में 35 रुपये अधिक लाभांश मिलेगा। लाभांश बढ़ने से उनकी आमदनी में इजाफा होगा और लंबे समय से आर्थिक दबाव के बीच सार्वजनिक वितरण प्रणाली को संचालित कर रहे कोटेदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सोनभद्र के 786 कोटेदारों को मिलेगा सीधा फायदा
जनपद में 786 राशन कोटेदारों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि लाभांश में वृद्धि से कोटेदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और राशन वितरण व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। चारों विधानसभा क्षेत्रों में हुए कार्यक्रमों में कोटेदारों ने मुख्यमंत्री की घोषणा को सरकार की ओर से अपने हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती देने पर जोर
लाभांश बढ़ाने का फैसला केवल कोटेदारों की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत और सुचारु बनाने की मंशा भी है। सरकार की इस पहल से राशन दुकानों के संचालन में आर्थिक सहूलियत बढ़ेगी और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


