Sonbhadra News: दीपावली सरस मेले का आगाज, 40 स्टॉलों पर सजे ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद

Sonbhadra News: सोनभद्र के उरमौरा डाइट मैदान में 'सोन अर्घ्य दीपावली सरस मेला-2026' का आगाज। डीएम और सीडीओ ने किया शुभारंभ, महिलाओं के 40 स्टॉल सजे।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 4 Nov 2026 8:52 PM IST
Sonbhadra News: दीपावली सरस मेले का आगाज, 40 स्टॉलों पर सजे ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद
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Sonbhadra News: ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बाजार तक पहुंचाने और उनके स्वरोजगार को नई पहचान दिलाने की पहल के तहत बुधवार को राबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित डाइट मैदान में सोन अर्घ्य दीपावली सरस मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने फीता काटकर तीन दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। मेले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मेहनत, हुनर और उद्यमिता की झलक देखने को मिली। परिसर में लगाए गए 40 स्टॉलों पर ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद बिक्री और प्रदर्शन के लिए उपलब्ध हैं।

महिलाओं के हुनर को मिला बाजार का मंच

उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने मेले में लगाए गए स्टॉलों का भ्रमण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से उनके उत्पादों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और बिक्री की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। स्टॉलों पर सजाए गए स्थानीय उत्पादों को देखकर अधिकारियों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा और हुनर की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए उचित मंच उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी निभाकर परिवार और समाज की तरक्की में भी योगदान दे रही हैं। ऐसे मेले उनके उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ने के साथ आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता को भी मजबूती मिलती है।

स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ना समय की जरूरत है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ उनके उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर विपणन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने मेले को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला मिशन प्रबंधन इकाई (एनआरएलएम) की ओर से आयोजित इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उनके आजीविका के साधनों को मजबूत बनाना है। आयोजन के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने तथा समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

सोन अर्घ्य ब्रांड को मिलेगी नई पहचान

चार से छह नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में खरीदारी के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मेले के दौरान सोन अर्घ्य ब्रांड का शुभारंभ भी प्रस्तावित है। इसके जरिए जनपद के स्थानीय उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान देने और उन्हें बाजार में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। 40 स्टॉलों पर उपलब्ध उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और मेहनत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

इस मौके पर डीसी मनरेगा रविन्द्र सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील की कि वे छह नवंबर तक डाइट मैदान, उरमौरा में आयोजित सरस मेले में पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को सम्मान देने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान है।

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