Sonbhadra News: विद्यालयों में औचक निरीक्षण, मिड-डे मील का भोजन खाकर अधिकारियों ने परखी गुणवत्ता

Sonbhadra News: सोनभद्र में जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों ने विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। कक्षाओं में बच्चों से संवाद के साथ मिड-डे मील का भोजन खाकर गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की गई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 21 Aug 2026 8:39 PM IST
Sonbhadra News: विद्यालयों में औचक निरीक्षण, मिड-डे मील का भोजन खाकर अधिकारियों ने परखी गुणवत्ता
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Sonbhadra News: जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर जिले में विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के लिए अधिकारियों ने शुक्रवार को विभिन्न विद्यालयों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल कागजी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बजाय कक्षाओं में पहुंचकर पठन-पाठन की स्थिति देखी और बच्चों से सीधे संवाद कर शिक्षा के स्तर की पड़ताल की।

जिलाधिकारी की ओर से 19 अगस्त को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित एवं साप्ताहिक निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह कम से कम पांच विद्यालयों का निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से लिया पढ़ाई का हिसाब

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन और शिक्षण कार्य की स्थिति को बारीकी से परखा। कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सवाल किए गए और उनके शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह भी देखा कि विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षण कार्य हो रहा है या नहीं।बच्चों से संवाद के दौरान उन्हें विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं, पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की शिक्षा और उपस्थिति के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाली में परोसा भोजन खुद खाकर जांची गुणवत्ता

निरीक्षण का अहम पहलू मिड-डे मील व्यवस्था की जांच रहा। अधिकारियों ने विद्यालय में तैयार मिड-डे मील का भोजन स्वयं ग्रहण कर उसकी गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता को परखा। भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसे जाने तक की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया गया।अधिकारियों ने रसोइयों और शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन ही उपलब्ध कराया जाए। भोजन बनाने और परोसने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के साथ रसोईघर और आसपास के परिसर को भी साफ रखने के निर्देश दिए गए।

पेयजल से लेकर शौचालय तक व्यवस्थाओं की पड़ताल

अधिकारियों ने विद्यालयों में केवल पढ़ाई और भोजन तक ही निरीक्षण सीमित नहीं रखा। पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, कक्ष-कक्षों की स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी मौके पर जांच की गई। विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जहां कहीं व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत महसूस हुई, वहां संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ किया कि विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का नियमित रखरखाव होना चाहिए, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

लापरवाही मिली तो तय होगी जिम्मेदारी

अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, मिड-डे मील और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए। विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएं और बेहतर तरीके से शिक्षा प्राप्त कर सकें।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर शुरू हुई यह निरीक्षण व्यवस्था अब नियमित रूप से जारी रहेगी। अधिकारियों द्वारा विद्यालयों की जमीनी हकीकत की रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यालयों में शिक्षा और सुविधाओं की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी।प्रशासन का जोर है कि विद्यालयों की व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों में दुरुस्त न दिखें, बल्कि धरातल पर भी बच्चों को उनका वास्तविक लाभ मिले। नियमित निरीक्षण के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की जवाबदेही और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कवायद तेज कर दी गई है।

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