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Sonbhadra News: रायपुर में जल-जंगल-जमीन बचाने को हजारों ग्रामीण एकजुट, सरकार को चेतावनी
Sonbhadra News: सोनभद्र के रायपुर में जल, जंगल और जमीन बचाने को ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन। विस्थापन, जंगल कटाई और खाद संकट के खिलाफ सरकार को चेतावनी।
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Sonbhadra News: जनपद के नगवा विकासखंड के रायपुर ग्राम पंचायत में रविवार को जल, जंगल और जमीन की रक्षा के मुद्दे पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान के तहत ग्रामीण परिवारों को फलदार पौधों का वितरण किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन कर जंगलों की सुरक्षा और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
विकास के नाम पर विस्थापन का विरोध
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र की प्राकृतिक संपदा किसी की निजी जागीर नहीं है। जल, जंगल और जमीन यहां के लोगों के जीवन और आजीविका का आधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को विस्थापित करने तथा बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग स्थापित करने हैं तो ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जहां लोगों को अपना घर-बार न छोड़ना पड़े और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे। सरकार का दायित्व जनता के हितों की रक्षा करना है, न कि उन्हें संकट में डालना। उन्होंने कहा कि जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ग्रामीण चुप नहीं बैठेंगे और जरूरत पड़ने पर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
जंगल बचाने के लिए संघर्ष का संकल्प
सभा में मौजूद निलेश सिंह राजपूत ने कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका, संस्कृति और पहचान हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने जंगलों की रक्षा के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार हैं और किसी भी कीमत पर उन्हें उजड़ने नहीं देंगे।
खाद संकट भी उठा प्रमुख मुद्दा
वहीं ग्रामीण बबलू पटेल ने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि खाद की किल्लत से किसान लगातार परेशान हैं। समितियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें समय पर खाद नहीं मिल रही है, जबकि सरकारी स्तर पर बेहतर व्यवस्था के दावे किए जाते हैं। उन्होंने किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किए जाने की मांग की।
कार्यक्रम में निलेश सिंह राजपूत, विजयमल खरवार, दहीकुंडल प्रजापति, बाबूलाल मौर्य, विजय पटेल, दिनेश मौर्य, शत्रुधन बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


