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Sonbhadra News: मौसम के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने जारी किए सख्त निर्देश
Sonbhadra News: सोनभद्र में संभावित भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को 24×7 तैयार रहने और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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Sonbhadra News: जनपद में संभावित भारी वर्षा, आंधी-तूफान, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम के बदलते तेवर को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे।
आपदा से पहले तैयारी का सख्त आदेश
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जारी आदेश में कहा गया है कि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को हर हाल में रोकना प्रशासन की प्राथमिकता होगी। इसके लिए सभी विभागों को त्वरित राहत और बचाव कार्यवाही के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहने को कहा गया है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि मौसम विभाग द्वारा जारी हर चेतावनी और पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखी जाए तथा अलर्ट मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
संवेदनशील इलाकों पर रहेगी पैनी नजर
सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं। खासतौर पर जलभराव वाले इलाके, कमजोर भवन, जर्जर विद्युत पोल, पेड़ और संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।प्रशासन ने पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण, अग्निशमन, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय रखने का निर्देश दिया है। संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और मानवबल पहले से तैनात रखने को कहा गया है, ताकि सड़क अवरोध, पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने या भवन क्षति जैसी घटनाओं में तत्काल राहत कार्य शुरू हो सके।
अस्पतालों से लेकर बिजली विभाग तक अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री, एंबुलेंस और आपात चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं विद्युत विभाग को जर्जर तारों और पोलों की तत्काल समीक्षा कर मरम्मत दलों को सक्रिय रखने को कहा गया है।नगर निकायों को कमजोर और क्षतिग्रस्त भवनों, होर्डिंग्स तथा अन्य खतरनाक संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आम जनता को सोशल मीडिया, सार्वजनिक उद्घोषणा, प्रचार वाहन, ग्राम पंचायतों और विद्यालयों के माध्यम से मौसम संबंधी सावधानियों की जानकारी देने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
देरी हुई तो तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपदा अथवा दुर्घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग अपने आपदा प्रबंधन प्लान को अपडेट रखें और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।अंत में प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई मिली तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जाएगी।


