Sonbhadra News: सोनभद्र में विंध्य एक्सप्रेस-वे का विरोध, किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Sonbhadra News: सोनभद्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने जमीन और आजीविका की सुरक्षा की मांग उठाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 7 Aug 2026 5:44 PM IST
Farmers warn to intensify protest against Vindhya Expressway in Sonbhadra
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सोनभद्र में विंध्य एक्सप्रेस-वे का विरोध, किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र जनपद के घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और प्रस्तावित परियोजना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर उनकी उपजाऊ और पुश्तैनी जमीन को प्रभावित करने का फैसला उन्हें स्वीकार नहीं है। किसानों ने कहा कि जमीन और आजीविका की सुरक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि उनकी कृषि भूमि केवल संपत्ति नहीं, बल्कि परिवारों की पीढ़ियों की मेहनत और रोजी-रोटी का आधार है। किसानों के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित मार्ग से बड़ी संख्या में कृषि भूमि प्रभावित होने की आशंका है। इससे खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

पुश्तैनी जमीन बचाने को किसान लामबंद

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपने तेवर स्पष्ट करते हुए कहा कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए हर लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएंगे। किसान बबलू कुमार ने कहा कि पुश्तैनी जमीन परिवार की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि जमीन चली गई तो परिवारों के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए किसान आखिरी दम तक अपनी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे।



किसान रुपेश दूबे ने आरोप लगाया कि किसानों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऐसी परियोजना का विरोध जरूर करेंगे, जिसमें उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ने की आशंका हो। उन्होंने कहा कि किसानों की आपत्तियों का समाधान किए बिना जमीन लेने की कोई भी प्रक्रिया उचित नहीं होगी।

रामसिंह पटेल और पूर्व प्रधान शकील अहमद ने भी कहा कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

संदीप मिश्रा बोले—किसानों की आवाज दबाकर नहीं बनाया जा सकता विकास का रास्ता

सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि सरकार का दायित्व किसानों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर किसानों पर जमीन छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। कहा कि किसानों की जमीन और अधिकार सुरक्षित किए बिना किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं हैं। वे चाहते हैं कि क्षेत्र में विकास हो, लेकिन ऐसा विकास नहीं जिसमें किसानों की रोजी-रोटी ही छिन जाए। उन्होंने सरकार से किसानों के साथ संवाद करने और प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को लेकर उनकी आपत्तियों का समाधान करने की मांग की।

मांग नहीं मानी तो आंदोलन का दायरा बढ़ाने की चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में किसानों ने एकजुट होकर कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने आसपास के गांवों के लोगों को भी आंदोलन से जोड़ने की बात कही। उनका कहना था कि जमीन बचाने की यह लड़ाई केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी।

संदीप मिश्रा ने कहा कि किसानों के अधिकार और जमीन सुरक्षित होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।

प्रदर्शन में बबलू प्रधान, रामसिंह पटेल, प्रधान शकील अहमद, सुरेश मौर्य, दिनेश चेरो, आकाश चौहान, विजय चौहान समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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