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UP चुनाव से पहले बदले समीकरण…इंडी गठबंधन से स्वामी ठोकेंगे ताल! राहुल से मुलाकत के बाद बड़ा ऐलान
UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपनी जनता पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने का ऐलान किया है। सीट बंटवारे पर फैसला बाकी है।
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UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद मौर्य ने अपनी जनता पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी गठबंधन के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में चुनावी मैदान में उतरेगी।
हालांकि, अभी सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मौर्य ने साफ किया है कि उनकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर बाद में चर्चा की जाएगी। ऐसे में राहुल गांधी से मुलाकात और गठबंधन में शामिल होने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद गठबंधन का ऐलान
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अपनी जनता पार्टी अब INDIA गठबंधन का हिस्सा होगी। उन्होंने बताया कि गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने का फैसला साझा विचारधारा के आधार पर किया गया है।
मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य बीजेपी हटाओ, देश बचाओ और संविधान बचाओ है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पूरे देश में अनुसूचित जाति (Scheduled Castes), अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes), पिछड़ा वर्ग (Other Backward Classes) और अल्पसंख्यकों (Minorities) की आवाज उठा रहे हैं।
मौर्य के मुताबिक, उनकी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में इन वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर काम कर रही है। इसी समान विचारधारा के आधार पर अपनी जनता पार्टी ने INDIA गठबंधन के साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
सीटों पर अभी नहीं हुआ फैसला
INDIA गठबंधन में शामिल होने का ऐलान तो हो गया है, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस पर बाद में चर्चा की जाएगी।
यानी फिलहाल गठबंधन में शामिल होने का फैसला सामने आया है, लेकिन चुनावी सीटों और रणनीति को लेकर अंतिम बातचीत बाकी है। मौर्य ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इस संबंध में और बातचीत होगी।
उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले दलों और नेताओं को एक साथ लाने की कोशिश जारी है। उनके मुताबिक, यह मुलाकातों की शुरुआत है और आगे होने वाली राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को बताया विकल्प
स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही एक विकल्प है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए अपनी जनता पार्टी ने INDIA गठबंधन के साथ जुड़ने का फैसला किया है।
मौर्य ने बताया कि राहुल गांधी के साथ मुलाकात में गठबंधन को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले दलों और नेताओं को साथ लाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में और राजनीतिक मुलाकातें हो सकती हैं।
कई दलों में रह चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। वह लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय रहे। मायावती सरकार में उन्होंने मंत्री के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद वह योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में शामिल हुए और कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
बाद में उन्होंने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का रुख किया। हालांकि, समाजवादी पार्टी में भी मतभेद सामने आए और इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी अलग पार्टी बनाई।
पडरौना से विधायक भी रह चुके हैं मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य कुशीनगर की पडरौना विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। यही वजह है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका और संभावित सीट को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
फिलहाल अपनी जनता पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की विपक्षी राजनीति में एक नया राजनीतिक समीकरण सामने आया है। हालांकि, गठबंधन के भीतर सीटों का बंटवारा कैसे होगा, अपनी जनता पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अंतिम चुनावी रणनीति क्या होगी, इसका ऐलान अभी बाकी है।


