UP News: जब-जब भर्तियां निकलती थीं 'चाचा-भतीजा' लूटने के लिए झोला लेकर निकल पड़ते थे : स्वतंत्र देव सिंह

UP News: स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने सपा सरकार पर भर्ती घोटाले, जातिवाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। योगी सरकार में 9 लाख पारदर्शी भर्तियों का दावा किया गया।

Newstrack Network
Published on: 20 May 2026 8:52 PM IST (Updated on: 20 May 2026 8:52 PM IST)
Swatantra Dev Singh
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Swatantra Dev Singh (Image Credit-Social Media)

लखनऊ, 20 मई। उत्तर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का अड्डा बन चुकी थी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था स्थापित कर युवाओं का भरोसा लौटाया है, जबकि सपा शासन में नौकरी निकलते ही 'चाचा-भतीजा वसूली तंत्र' सक्रिय हो जाता था।

भर्ती निकलते ही झोला लेकर निकल जाते थे चाचा-भतीजा

जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जब-जब नियुक्तियों और रोजगार के विज्ञापन निकलते थे, तब-तब चाचा-भतीजा लूट के लिए झोला लेकर निकल जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर भर्ती तक हर जगह खुला रेट चलता था और बिना पैसे व सिफारिश के कोई काम नहीं होता था।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लगभग 9 लाख सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई हैं। समाज के सभी वर्गों के युवाओं को अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आज हर गांव में 4-5 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। न जातिवाद चला, न क्षेत्रवाद। केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ।

दलितों और शोषितों को दबाने का काम करती थी सपा सरकार

स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि सपा शासन में दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों को व्यवस्थित रूप से दबाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट-खसोट उस सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुके थे। सपा सरकार में हर काम में भ्रष्टाचार था। जनता सब देख चुकी है और समझ चुकी है।

2004-07 की भर्ती घोटाले की ऑडिट रिपोर्ट जनता के सामने है

समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी अखिलेश यादव की कथित 'पीडीए ऑडिट रिपोर्ट' पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता के पास सपा सरकार की असली 'ऑडिट रिपोर्ट' पहले से मौजूद है।

उन्होंने कहा कि 2004 से 2007 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार में पुलिस भर्ती घोटाला हुआ था, जिसमें व्यापक धांधली के आरोप लगे। असीम अरुण ने कहा कि मायावती सरकार बनने के बाद 50 से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। बाद में सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल की।

उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने 2007 में पुलिस भर्ती की पारदर्शी व्यवस्था लागू की थी, लेकिन 2012 में अखिलेश सरकार ने उसे खत्म कर 10वीं और 12वीं के नंबर के आधार पर भर्ती शुरू कर दी, जिससे पक्षपात और धांधली के आरोप फिर बढ़े।

योगी सरकार ने बिना सिफारिश सवा दो लाख पुलिस भर्ती की

असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार ने पहली बार ऐसी भर्ती व्यवस्था दी, जिसमें बिना सिफारिश और बिना पैसे के केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से कराई गई है और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि आज नकल माफिया की कमर टूट चुकी है। परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है। इसी वजह से अखिलेश यादव बौखलाए हुए हैं।

यूपीपीएससी में एक जाति विशेष की भर्तियां हुईं

असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान यूपीपीएससी में हुई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अनिल यादव को यूपीपीएससी का चेयरमैन बनाया, जिसकी नियुक्ति को हाईकोर्ट ने बाद में रद्द कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में एक जाति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रभावित की गई। सामान्य वर्ग की सीटों पर भी एक ही जाति के लोगों की भर्ती कराई गई। यही सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट है।

राहुल गांधी राजनीतिक पर्यटक बन चुके हैं

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए असीम अरुण ने कहा कि कांग्रेस नेता अमेठी और रायबरेली में 'राजनीतिक पर्यटक' की तरह आते हैं और हर बार विवाद पैदा करने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है और यह दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी ऊल-जुलूल बयान देकर सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

जनता सब जानती है

दोनों मंत्रियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन और योगी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से देख चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जहां पहले भर्ती प्रक्रिया जातिवाद और भ्रष्टाचार से प्रभावित रहती थी, वहीं अब पारदर्शिता, तकनीक और मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है।

Shweta Srivastava

Shweta Srivastava

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मैं श्वेता श्रीवास्तव 15 साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव रखतीं हूँ। मैंने अपने करियर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर की थी। पिछले 9 सालों से डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्यरत हूँ। इस दौरान मैंने मनोरंजन, टूरिज्म और लाइफस्टाइल डेस्क के लिए काम किया है। इसके पहले मैंने aajkikhabar.com और thenewbond.com के लिए भी काम किया है। साथ ही दूरदर्शन लखनऊ में बतौर एंकर भी काम किया है। मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड फिल्म प्रोडक्शन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। न्यूज़ट्रैक में मैं लाइफस्टाइल और टूरिज्म सेक्शेन देख रहीं हूँ।

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