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UP News: TGT के 17,735 पदों पर आरक्षण विवाद पर चयन आयोग ने दी सफाई, कहा- निराधार दुष्प्रचार हुआ
UP News: आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आरक्षण के नियम विद्यालय स्तर पर लागू होते हैं। अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने की अपील।
TGT के 17,735 पदों पर आरक्षण विवाद पर चयन आयोग ने दी सफाई, कहा- निराधार दुष्प्रचार हुआ (Photo- Social Media)
UP News: उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक यानी टीजीटी) के 17,735 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था शासन के निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की गई है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
आरक्षण व्यवस्था को लेकर आयोग ने दी सफाई
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि कुछ अवांछित तत्व और संस्थाएं सोशल मीडिया समेत विभिन्न मंचों पर भर्ती में आरक्षण को लेकर तथ्यहीन और भ्रामक जानकारी फैला रही हैं। उन्होंने साफ किया कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का निर्धारण किसी मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया है।
उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से विद्यालयवार, विषयवार और श्रेणीवार आरक्षित रिक्त पदों की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद इन रिक्तियों का विवरण आयोग को उपलब्ध कराया गया, जिसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
प्रत्येक विद्यालय को माना जाता है एकल इकाई
डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को एकल इकाई यानी सिंगल यूनिट के रूप में मान्यता प्राप्त है। संबंधित विद्यालय का प्रबंध तंत्र ही नियुक्ति प्राधिकारी होता है। ऐसे में प्रत्येक विद्यालय में स्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर लागू आरक्षण नियमों के तहत श्रेणीवार पद निर्धारित किए जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण पूरे प्रदेश या माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के स्तर पर कुल पदों को एक साथ जोड़कर लागू नहीं किया जाता है। आयोग ने इसी नियमावली और वैधानिक व्यवस्था के तहत पूर्व में विज्ञापन संख्या 01/2022 और 02/2022 की भर्ती प्रक्रिया भी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरी कराई थी।
आधिकारिक वेबसाइट से ही लें भर्ती की जानकारी
आयोग ने बताया कि शासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘ई-ज्ञान गंगा-यूपी’ पर भी इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की गई है। आयोग के अध्यक्ष ने शिक्षक अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। ऐसी पोस्ट को बिना पुष्टि के आगे साझा करने से भी बचें। भर्ती से जुड़ी सही और प्रमाणिक जानकारी के लिए केवल उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।


