UP College Dress Code Rule 2026: कॉलेज जाने से पहले पहननी होगी यूनिफॉर्म! यूपी में राज्यपाल का बड़ा आदेश

UP College Dress Code Rule 2026: यूपी के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में लागू हो सकती है यूनिफॉर्म, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए निर्देश

Jyotsana Singh
Published on: 21 May 2026 2:21 PM IST (Updated on: 21 May 2026 3:12 PM IST)
UP college uniform rule 2026 governor Anandiben Patel dress code order
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UP College Dress Code Rule 2026

UP College Dress Code Rule 2026: स्कूल यूनिफॉर्म से निजात पाने का सपना लेकर कॉलेज में दाखिला लेने जा रहे विद्यार्थियों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अब छात्रों को कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस में एक समान ड्रेस कोड में नजर आना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूनिफॉर्म व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, समानता और एकरूपता को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। राजभवन में हुई समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने साफ कहा कि शिक्षा संस्थानों का माहौल ऐसा होना चाहिए जहां अनुशासन, सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता हो।

समीक्षा बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

बुधवार को राजभवन में जननायक चंद्रशेखर यूनिवर्सिटी से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसी दौरान राज्यपाल ने प्रदेशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में यूनिफॉर्म लागू करने का निर्देश दिया। फिलहाल उत्तर प्रदेश के कुछ महिला कॉलेजों और सेल्फ-फाइनेंस कोर्सों में ड्रेस कोड पहले से लागू है, लेकिन अधिकांश विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र सामान्य कपड़ों में आते हैं। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी संस्थानों को अपने स्तर पर यूनिफॉर्म का रंग, डिजाइन और पैटर्न तय करना होगा, ताकि पूरे कैंपस में एक जैसी व्यवस्था दिखाई दे।

यूनिफॉर्म व्यवस्था से अनुशासन और समानता बढ़ाने की तैयारी

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यूनिफॉर्म लागू होने से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनुशासन मजबूत होगा। अक्सर देखा जाता है कि फैशन और दिखावे की होड़ छात्रों के बीच असमानता की भावना पैदा करती है। ऐसे में एक समान ड्रेस कोड छात्रों में बराबरी का भाव पैदा करेगा और पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने में मदद करेगा। इसके साथ ही यूनिफॉर्म होने से कैंपस में बाहरी लोगों की पहचान करना भी आसान होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

शिक्षकों को भी रखना होगा गुरु की गरिमा का खयाल

बैठक के दौरान राज्यपाल ने हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग से जुड़े कथित छात्रा उत्पीड़न और पेपर लीक मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में सम्मान का प्रतीक होते हैं, इसलिए उन्हें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे गुरु की गरिमा पर सवाल उठे। राज्यपाल ने सभी शिक्षकों को समय पर कक्षाएं लेने, छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि छात्रों के चरित्र निर्माण और नैतिक शिक्षा में भी भूमिका निभाएं।

छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारपरक कोर्स की तैयारी

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कॉलेजों में रोजगार से जुड़े अल्पकालिक और व्यावसायिक कोर्स शुरू करने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों को डिग्री के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी दे। इसी उद्देश्य से कॉलेजों में जीएसटी और अकाउंटेंसी, ब्यूटीशियन और मेहंदी प्रशिक्षण, बिंदी निर्माण तथा मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद बनाने जैसे कोर्स शुरू करने की बात कही गई है। माना जा रहा है कि इससे खासतौर पर छात्राओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

छात्रों की शिकायतें सुनने के लिए बनेगी विशेष समिति

राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक विशेष कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं, जहां छात्र-छात्राएं बिना डर और झिझक अपनी समस्याएं और शिकायतें रख सकेंगे। इसका मकसद छात्रों को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना है। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन और इन्फ्लिबनेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग को बढ़ाने की बात कही गई, ताकि छात्रों को आधुनिक अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके।

अब कॉलेज खुद तय करेंगे यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन

राज्यपाल के निर्देश के बाद अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय अपने स्तर पर यूनिफॉर्म लागू करने का खाका तैयार करेंगे। संस्थान यह तय करेंगे कि ड्रेस का रंग क्या होगा, उसका डिजाइन कैसा होगा और इसे किस सत्र से लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले नए शैक्षणिक सत्र से कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यह व्यवस्था लागू हो सकती है। राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।

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