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Unnao News: बृजभूषण शरण सिंह ज्ञानेश कुमार पर बोले- विपक्ष को इस्तीफा चाहिए तो जनता के पास जाओ
Unnao News: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उन्नाव से अपने पुश्तैनी रिश्ते पर बात की, वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष को चुनाव जीतने की चुनौती दी।
बृजभूषण शरण सिंह ज्ञानेश कुमार पर बोले- विपक्ष को इस्तीफा चाहिए तो जनता के पास जाओ (Photo- Newstrack)
Unnao News: बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपने पूर्वजों की जन्मभूमि और पूर्वी देवी के पावन स्थान को प्रणाम करने उन्नाव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्नाव से उनका रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावनात्मक और पुश्तैनी जुड़ाव का मामला है।
पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़ाव की तलाश
बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि उनके पूर्वज उन्नाव की पुरवा तहसील के रणजीतपुरवा से जुड़े रहे हैं। उनके पारिवारिक इतिहास में 1857 के दौर में यहां मंदिर बनाए जाने का भी उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से अपने पूर्वजों की जन्मभूमि और परिवार के इतिहास की तलाश कर रहे हैं। अगर उन्हें अपने पूर्वजों का गांव और वहां के लोग मिल जाते हैं, तो वह उनसे हमेशा के लिए संबंध बनाए रखना चाहते हैं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष को जवाब
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन पर बृजभूषण ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं थी, लेकिन बाद में इसके लिए प्रक्रिया बनाई गई और उसी के तहत ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को उनका इस्तीफा चाहिए, तो उसे जनता के पास जाना होगा, चुनाव जीतना होगा और नया कानून बनाकर कार्रवाई करनी होगी।
तिरंगा यात्रा और आंदोलनों पर लगाए आरोप
16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा यात्रा और मौजूदा राजनीतिक आंदोलनों को लेकर भी बृजभूषण शरण सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने इन गतिविधियों को देश के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र बताते हुए विदेशी ताकतों और कारोबारी हितों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन एलन मस्क के इशारे पर हो रहा है।
बृजभूषण ने कहा कि अब भारत की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में पहली बार ऐसा मार्च निकाला गया, जिसे सुप्रीम कोर्ट को धमकाने के नाम पर आयोजित किया गया। उनके इन बयानों में विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों को लेकर उनकी नाराजगी सामने आई।


