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Ayodhya से CM योगी का बड़ा तोहफा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बड़ी वृद्धि, मिलेंगी ये सुविधाएं
Anganwadi Workers Salary Hike: CM योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 4 प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें मानदेय में वृद्धि, 5 लाख रुपये की कैशलेस सुविधा, साड़ियों की संख्या बढ़ाना और स्मार्टफोन उपलब्ध कराना शामिल है।
Anganwadi Workers Salary Hike
Anganwadi Workers Salary Hike: उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए योगी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 8,000 रुपये की जगह अब 12,000 रुपये मानदेय मिलेगा। वहीं, सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। उन्हें अब 4,000 रुपये के बजाय 6,000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे।
CM योगी ने अयोध्या के फैजाबाद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान समारोह में यह बड़ा ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को सांकेतिक चेक भी सौंपे और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ियों का वितरण किया। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में काम कर रही भारी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक राहत मिलने की उपूरी म्मीद है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेंगी ये 4 मुख्य सुविधाएं
CM योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 4 प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें मानदेय में वृद्धि, 5 लाख रुपये की कैशलेस सुविधा, साड़ियों की संख्या बढ़ाना और स्मार्टफोन उपलब्ध कराना शामिल है।
मानदेय बढ़ोतरी के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 12,000 रुपये और सहायिकाओं को 6,000 रुपये हर महीने मिलेंगे। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी के लिए अतिरिक्त 500 रुपये दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं के माध्यम से इन केंद्रों पर योजनाओं और सेवाओं की निगरानी तथा कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को मिलेगा लाभ
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश की भारी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है। बीते सालों में हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप देने का दावा भी सरकार की तरफ से किया गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के लिए अपने भवन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद तैयार करता है। ऐसे में आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका सिर्फ पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के शुरुआती विकास में भी इनकी अहम भूमिका है।
पोषण व्यवस्था से माफिया का शिकंजा हटाने का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पहले पोषण आहार की व्यवस्था में अनियमितताओं और माफिया के प्रभाव की शिकायतें रहती थीं। योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पोषण आहार व्यवस्था से माफिया का शिकंजा हटाकर स्वयं सहायता समूहों को इसकी जिम्मेदारी दी है।
उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले कई आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब थी। बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव था और कई जगह वक़्त पर पोषाहार नहीं पहुंचता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय व्यवस्था की कमियों का खामियाजा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ता था और बदनामी भी उन्हीं के हिस्से आती थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कई केंद्रों पर आने वाले मासूम बच्चों को बैठने के लिए घर से टाट लेकर आना पड़ता था। पेयजल और गुणवत्तापूर्ण रेसिपी जैसी सुविधाएं भी कई जगह उपलब्ध नहीं थीं।
कोरोना महामारी के दौरान आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों के योगदान की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में इन महिलाओं ने जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचकर अहम भूमिका निभाई।
योगी ने संकेत दिया कि भविष्य में कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और काम के आधार पर मानदेय में और वृद्धि पर भी विचार किया जा सकता है। इससे यह संकेत मिला कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को आगे भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती है।
‘बहनें यशोदा मइया जैसी जिम्मेदारी निभा रही हैं’
CM योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की तुलना यशोदा मइया से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार द्वापर युग में यशोदा मइया ने कान्हा के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाई थी, उसी तरह आज आंगनवाड़ी से जुड़ी बहनें बच्चों के पोषण और शुरुआती देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन में शुरुआती दौर में मां के बाद जिन लोगों से उसका संवाद होता है, उनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी महत्वपूर्ण हैं। अयोध्या की धरती से योजना के शुभारंभ को मुख्यमंत्री ने गौरव की बात बताया।
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री ने भर्ती का भी दिया आंकड़ा
कार्यक्रम से पहले महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती को लेकर जानकारी दी। उनके अनुसार, प्रदेश में 71,310 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की गई है। इनमें 21,804 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 49,506 सहायिकाएं शामिल हैं।
मानदेय बढ़ाने का ऐलान को ऐसे वक़्त में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से बेहतर मानदेय और सुविधाओं की मांग से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं।
CM योगी ने गिनाईं 2017 के बाद की उपलब्धियां
अयोध्या के कार्यक्रम के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ में भी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन और विकास को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और माफिया का प्रभाव था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय अपराध और भ्रष्टाचार के कारण से प्रदेश की छवि प्रभावित होती थी। उन्होंने कहा कि साल 2017 के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराध, अपराधियों तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
योगी ने उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर की क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तकरीबन 2 लाख हैंडलूम वीवर और 5 लाख से ज्यादा पावरलूम वीवर हैं। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर है और देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में राज्य की हिस्सेदारी लगभग 13% से 14% है।
2027 से पहले महिला कर्मचारियों पर सरकार का फोकस
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी को राजनीतिक और सामाजिक दोनों नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं आंगनवाड़ी व्यवस्था से जुड़ी हैं और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती शिक्षा से जुड़े कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
ऐसे में मानदेय को 8,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये करना और सहायिकाओं के मानदेय को 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये करना सरकार की तरफ से बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अयोध्या से की गई इन घोषणाओं के माध्यम से योगी सरकार ने एक तरफ आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर महिला कार्यबल के लिए आर्थिक मदद बढ़ाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है।


