TRENDING TAGS :
UP ATS Terror Module Busted: पेशे से वेल्डर और राजमिस्त्री, आखिर कौन हैं ATS के हत्थे चढ़े महकाब और शाहरुख?
UP ATS Terror Module Busted: यूपी एटीएस ने संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सहारनपुर से महकाब और शाहरुख को गिरफ्तार किया है। पेशे से वेल्डर और राजमिस्त्री इन युवकों के परिजनों ने इन्हें निर्दोष बताया है।
UP ATS Terror Module Busted Mahkaab-Shah Rukh Arrest: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। इस संयुक्त कार्रवाई को यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंजाम दिया। गिरफ्तार युवकों में दो सहारनपुर, एक मुजफ्फरनगर और एक हरिद्वार का निवासी बताया जा रहा है।
सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र स्थित ढीक्का कला गांव के रहने वाले महकाब और शाहरुख की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही परिवार सदमे में आ गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनके बेटे किसी देश विरोधी गतिविधि में शामिल हो सकते हैं। गांव में गिरफ्तारी को लेकर चर्चाओं का माहौल है, जबकि परिवारों ने दोनों युवकों को पूरी तरह निर्दोष बताया है।
परिजनों का दावा है कि उनके बच्चों का किसी आतंकी संगठन, पाकिस्तान या देश विरोधी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। गांव वालों के मुताबिक दोनों युवक बेहद साधारण परिवारों से आते हैं और मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते थे। परिवारों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी एटीएस दोनों युवकों को पूछताछ के लिए ले गई थी, लेकिन कई घंटे पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।
परिवारों को लगा कि मामला खत्म हो गया है, लेकिन बुधवार को एटीएस और एसटीएफ की टीम दोबारा गांव पहुंची और दोनों युवकों को लखनऊ ले गई। इसी दौरान मुजफ्फरनगर के गगनदीप और उत्तराखंड के मुशर्रफ को भी हिरासत में लिया गया। बाद में एजेंसियों ने चारों की गिरफ्तारी की पुष्टि की और उनके कथित मंसूबों का खुलासा करने का दावा किया।
महकाब के पिता हसरत ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन महीनों से पंजाब के लुधियाना में वेल्डिंग का काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि महकाब आठवीं तक पढ़ा है और करीब 15 हजार रुपये महीने कमाकर परिवार की मदद करता था। वह तीन भाइयों में तीसरे नंबर पर है।
हसरत ने कहा कि उनका बेटा मेहनत-मजदूरी करने वाला सीधा-सादा लड़का है और उसे मोबाइल चलाने की भी ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पहले पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था, लेकिन अचानक दोबारा गिरफ्तारी से पूरा परिवार सदमे में है। परिवार के अनुसार, बकरीद के दिन भी घर में किसी ने ठीक से नमाज नहीं पढ़ी।
शाहरुख के पिता इकराम ने भी बेटे को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि शाहरुख केवल पांचवीं तक पढ़ा है और करीब डेढ़ महीने पहले देहरादून में टाइल और पत्थर लगाने का काम करने गया था। उनका कहना है कि अगर बेटे को किसी तरह की विदेशी फंडिंग मिल रही होती, तो परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होती। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान से उनके बेटे का क्या संबंध हो सकता है।
इकराम ने यह भी कहा कि पहले भी कई मामलों में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग बाद में निर्दोष पाए गए हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक कुछ युवक सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क के संपर्क में आए थे। एजेंसियां ऑनलाइन चैट, सोशल मीडिया कनेक्शन, विदेशी नंबरों से संपर्क और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ डिजिटल इनपुट मिलने के बाद युवकों से पूछताछ की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
हालांकि परिवारों और गांव वालों का कहना है कि इन युवकों को सोशल मीडिया की ज्यादा जानकारी भी नहीं थी। गांव वालों के अनुसार महकाब और शाहरुख दोनों ही मिलनसार और मेहनती स्वभाव के थे। वे कभी किसी विवाद में शामिल नहीं रहे और मजदूरी कर अपने परिवारों की मदद करते थे।


