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UP News: 2 साल की कानूनी जंग जीते, पर सिस्टम से हारे: लखनऊ में आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों का न्याय के लिए हल्लाबोल
UP News: उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती 2024 को लेकर अभ्यर्थियों ने लखनऊ में आयुष राज्यमंत्री आवास का घेराव किया। कोर्ट से पक्ष में फैसला मिलने के बावजूद परीक्षा तिथि न जारी होने से नाराजगी बढ़ी।
Lucknow Protest
UP News: उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक तरफ जहां सरकार बेहतर बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ भविष्य के आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट आज सड़कों पर पुलिस की लाठियां और हिरासत झेलने को मजबूर हैं। गुरुवार को राजधानी के वीआईपी इलाके डालीबाग में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने आयुष राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालू के आवास का घेराव कर दिया।
हवा में गूंजते योगी बाबा न्याय करो, न्याय करो के नारों के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। लेकिन इस प्रदर्शन ने प्रदेश की आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की एक ऐसी हकीकत सामने ला दी है, जो बेहद चिंताजनक है।
कोर्ट से तो जीते, मगर तारीख के फेर में फंसा भविष्य
दरअसल, साल 2024 में आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो आवेदन के तुरंत बाद ही कानूनी दांव-पेच में उलझ गई। अभ्यर्थियों ने हार नहीं मानी और पूरे 2 साल तक माननीय अदालत में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
हाल ही में कोर्ट का फैसला अभ्यर्थियों के पक्ष में आया, अदालत से हरी झंडी मिलने के बाद भी विभागीय सुस्ती के कारण न तो अब तक परीक्षा का सिलेबस जारी हुआ है और न ही एग्जाम की डेट घोषित की गई है। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब कोर्ट से न्याय मिल चुका है, तो सरकार और अधिकारी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में देरी क्यों कर रहे हैं?
उम्मीदें टूट रही हैं...कंधों पर बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी
प्रदर्शन में शामिल मयंक राय ने कहा कि बूढ़े माता-पिता ने पेट काटकर हमें पढ़ाया कि बेटा फार्मासिस्ट बनकर घर का सहारा बनेगा। पूरे परिवार की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। अगर यह नौकरी समय पर नहीं मिली, तो हमारे घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा। हम मंत्री जी के दरवाजे पर भीख मांगने नहीं, अपना हक और इंसाफ मांगने आए थे।


