UP Bihar Border ISBT: यूपी-बिहार बॉर्डर पर बन रहा ‘गेमचेंजर’ बस टर्मिनल, 49 करोड़ जारी, यहां से आसान होगा 3 राज्यों का सफर

UP Bihar Border: पर बन रहे ISBT के लिए 49 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। बलिया के चांददियर में 12 एकड़ में बन रहा टर्मिनल बिहार, झारखंड और बंगाल की यात्रा आसान कर सकता है।

Jyotsana Singh
Published on: 26 Sept 2026 9:45 AM IST (Updated on: 26 Sept 2026 9:46 AM IST)
UP Bihar Border ISBT: ₹49 Crore Released, 3-State Travel to Get Easier
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UP Bihar Border ISBT: ₹49 Crore Released, 3-State Travel to Get Easier

UP Bihar Border ISBT: उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर रहने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के चांददियर मांझी में बन रहे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण में अब तेजी आने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए 49 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। करीब 12 एकड़ में बनने वाला यह बस टर्मिनल तैयार होने के बाद बलिया और आसपास के यात्रियों के लिए बिहार के साथ-साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों तक बस यात्रा को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

49 करोड़ रुपये जारी, निर्माण कार्य में आएगी तेजी

चांददियर मांझी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का निर्माण पहले से ही चल रहा है। परियोजना के लिए परिवहन विभाग को जमीन निश्शुल्क उपलब्ध कराई गई थी और टर्मिनल स्थल की बाउंड्री का काम भी कराया जा चुका है। अब 49 करोड़ रुपये की धनराशि जारी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की तैयारी है। बलिया के एआरएम महेश चंद्र पांडेय ने बताया कि बाढ़ के कारण कुछ दिनों से निर्माण कार्य प्रभावित था, लेकिन अब काम में तेजी आएगी।

करीब 12 एकड़ में तैयार होगा आधुनिक बस टर्मिनल

प्रस्तावित ISBT करीब 12 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती इलाके में बसों के संचालन और यात्रियों की आवाजाही के लिए एक व्यवस्थित केंद्र तैयार करना है। अभी अलग-अलग स्थानों से बसों के संचालन के कारण यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नया टर्मिनल बनने के बाद बसों के ठहराव और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।

बिहार ही नहीं, झारखंड और बंगाल तक आसान होगी आवाजाही

चांददियर में बस टर्मिनल बनने का सबसे बड़ा फायदा अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। यहां से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए बस सेवाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इसके अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों के लिए भी बस संचालन को आसान बनाने की योजना है। इससे बलिया और आसपास के पूर्वांचल क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर परिवहन विकल्प मिल सकता है।

सिताबदियारा के करीब है परियोजना स्थल

ISBT का निर्माण जिस चांददियर मांझी में हो रहा है, वह ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण इलाके के करीब है। यहां से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताबदियारा की दूरी करीब 10 किलोमीटर बताई जाती है। ऐसे में बस टर्मिनल शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों के अलावा इस क्षेत्र में आने-जाने वाले यात्रियों को भी परिवहन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए विकसित होंगी जरूरी सुविधाएं

बस टर्मिनल में यात्रियों के बैठने और बसों के ठहराव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं विकसित की जानी हैं। प्रस्तावित सुविधाओं में प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय, बसों की जानकारी देने वाली व्यवस्था और अन्य यात्री सुविधाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को बस पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की परेशानी से बचाना और एक ही परिसर से अंतरराज्यीय बस सेवाएं उपलब्ध कराना है।

बाढ़ के कारण कुछ दिन रुका था काम

चांददियर क्षेत्र में बाढ़ के कारण पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। सरयू नदी के आसपास का क्षेत्र होने के कारण यहां निर्माण के दौरान जमीन से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आती हैं। हालांकि अब धनराशि जारी होने के बाद विभाग की ओर से निर्माण कार्य को गति देने की तैयारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि परिस्थितियां सामान्य होते ही परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।

स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा

एक बड़े अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के निर्माण का असर केवल परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। टर्मिनल के आसपास चाय-नाश्ते की दुकानों, छोटे कारोबार, होटल, परिवहन सेवाओं और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर बनने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद बलिया के साथ बिहार और पूर्वांचल के यात्रियों को भी इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

चांददियर मांझी में बन रहा यह ISBT

यूपी-बिहार सीमा क्षेत्र के लिए परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। 49 करोड़ रुपये जारी होने के बाद अब इसकी निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के साथ बलिया से बिहार और आगे झारखंड-बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए बस सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक होने जा रहीं हैं।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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