UP BJP Plan: चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं की चांदी! यूपी के निगमों-आयोगों में मिलेगी राज्य मंत्री की कुर्सी, 25 नाम फाइनल

UP BJP Plan: यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी। राज्य के निगमों और आयोगों में 25 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को राज्य मंत्री का दर्जा मिलेगा।

Shivam
Published on: 21 May 2026 7:11 PM IST (Updated on: 21 May 2026 7:11 PM IST)
UP BJP Politics
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UP BJP Organization Reshuffle: उत्तर प्रदेश के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बड़े संगठनात्मक बदलावों की तैयारी पूरी कर ली है। योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद अब सबकी नजरें संगठन की नई टीम पर टिकी हैं। पार्टी की राज्य इकाई को नया और ऊर्जावान रूप देने के उद्देश्य से नए पदाधिकारियों के नामों को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में लखनऊ में लंबी बैठकों के बाद इस नए सांगठनिक ढांचे का खाका तैयार किया गया है।

इस नई सूची को अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली भेजा गया है जहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संभावित नामों की गहन समीक्षा की है। केंद्रीय नेतृत्व विभिन्न क्षेत्रीय समीकरणों और सामाजिक संतुलन का सावधानीपूर्वक विश्लेषण कर रहा है ताकि आगामी चुनावी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए जमीनी स्तर पर एक मजबूत संगठन तैयार किया जा सके।

छह क्षेत्रों के अध्यक्षों के नाम लगभग तय

इस बड़े संगठनात्मक फेरबदल के तहत राज्य स्तर पर नए महामंत्रियों, उपाध्यक्षों और मंत्रियों के नामों की घोषणा जल्द की जाएगी। इसके अलावा राज्य के सभी छह प्रशासनिक क्षेत्रों काशी (वाराणसी), गोरखपुर, पश्चिम यूपी, अवध, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड के नए अध्यक्षों के नाम भी तय कर लिए गए हैं। पार्टी इस बार केवल जातिगत गणित के बजाय संगठनात्मक अनुभव और वैचारिक प्रतिबद्धता को प्राथमिकता दे रही है, जिसके तहत नई टीम में कम से कम 60 प्रतिशत अनुभवी कार्यकर्ताओं और युवाओं का बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा। वाराणसी क्षेत्र और गोरखपुर क्षेत्र में भी अध्यक्ष पद के लिए नाम लगभग तय हो चुके हैं और बस आधिकारिक घोषणा बाकी है।

पश्चिम यूपी और कानपुर में नए समीकरणों पर फोकस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा की रणनीति जाट, गैर-यादव ओबीसी और सवर्णों के गठजोड़ को मजबूत करने पर टिकी है। राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन के बावजूद, भाजपा अपने खुद के जाट नेतृत्व को कमजोर नहीं होने देना चाहती, इसलिए संगठन में जाट चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारी दी जा रही है। पश्चिम क्षेत्र में इस बार गुर्जर और वैश्य समीकरण पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। त्यागी और ब्राह्मण समाज की नाराजगी को दूर करने के लिए क्षेत्रीय टीम में इन वर्गों को भी सम्मानजनक पद देने की तैयारी है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक मोर्चा के जरिए पसमांदा मुस्लिम और लाभार्थी वर्ग को साधने की कोशिश जारी है। दूसरी ओर, कानपुर क्षेत्र से इस बार जातीय फैक्टर में बड़ा बदलाव करने की चर्चाएं जोरों पर हैं, जहां नए सामाजिक समीकरणों को आजमाया जा सकता है।

अवध और ब्रज में नेतृत्व की रणनीति

अवध क्षेत्र भाजपा का पारंपरिक गढ़ रहा है, जहां की राजनीति ब्राह्मण और दलित समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती है। अवध में ब्राह्मण मतदाताओं को साधे रखने के लिए हाल ही में मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था, और अब संगठन में भी अवध क्षेत्र का अध्यक्ष या महामंत्री किसी तेज-तर्रार ब्राह्मण चेहरे को बनाने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा ब्रज क्षेत्र की बात करें तो वहां शाक्य या लोध समाज में से किसी एक को बड़ा अवसर मिल सकता है। अवध में गैर-जाटव दलितों जैसे पासी और वाल्मीकि समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए एससी मोर्चा को भी सक्रिय किया गया है।

निगमों और आयोगों में 25 कार्यकर्ताओं का समायोजन

मुख्य संगठन में नियुक्तियों के अलावा पार्टी के विभिन्न मोर्चों, राज्य के विभिन्न निगमों, आयोगों और बोर्डों में भी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कैबिनेट और संगठन के बाद, चुनावी तैयारियों में जुटे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के लिए एक विशेष समायोजन योजना तैयार की गई है। शुरुआती चरण में पार्टी के करीब 25 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के नामों पर चर्चा हुई है जिन्हें इन सरकारी संस्थाओं में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, और राज्य महिला आयोग जैसे वैधानिक निकायों के साथ-साथ गौ सेवा आयोग, राज्य निर्माण एवं श्रम विकास बोर्ड, बीज विकास निगम, आवास एवं विकास परिषद और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में खाली पदों को भरा जाएगा। इन पदों पर उन नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं लेकिन जिन्हें चुनाव में टिकट नहीं मिल सका। इन पदों पर नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा और मानदेय सहित अन्य सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। राष्ट्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के आधिकारिक मंच पर पदाधिकारियों की अंतिम सूची साझा करेगी।

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Shivam is a multimedia journalist.

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