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UP Politics: योगी कैबिनेट विस्तार के बाद संगठन में ‘बड़ा फेरबदल’, युवाओं को मिलेगी एंट्री; क्या है BJP की रणनीति?
UP Politics: उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है।
Pankaj Chaudhary New Team
UP Politics: उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का ऐलान जल्द ही होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार नई टीम में लगभग 55 से 60 फीसदी नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि 40 से 45 प्रतिशत पुराने और अनुभवी नेताओं को भी बरकरार रखा जाएगा।
संगठन में युवाओं-अनुभवी नेताओं के संतुलन पर ध्यान
भाजपा नेतृत्व इस बार संगठन में युवाओं और अनुभवी नेताओं के संतुलन पर विशेष ध्यान दे रहा है। पार्टी का मानना है कि चुनावी तैयारियों के बीच पूरी टीम बदलना जोखिम भरा हो सकता है। यही वजह है कि कुछ अनुभवी पदाधिकारियों को उनकी कार्यशैली और संगठनात्मक अनुभव के आधार पर दोबारा जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं कुछ नेताओं के प्रमोशन की भी चर्चा तेज है।
बीजेपी ने शुरू की चुनाव की तैयारियां
दरअसल, हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को मिली सफलता से पार्टी काफी उत्साहित है। इन राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद अब भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी संगठन के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी ताकि हर वर्ग और क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिल सके।
सूत्रों का कहना है कि संगठन में शामिल होने के लिए नेताओं के बीच जोरदार लॉबिंग चल रही है। कई नेता दिल्ली और लखनऊ में बड़े नेताओं के संपर्क में हैं, जबकि कुछ लोग संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। पार्टी के विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और मीडिया विभाग से जुड़े कई चेहरे भी प्रदेश टीम में जगह पाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्षेत्रीय अध्यक्षों में भी बड़ा बदलाव
उधर, भाजपा केवल प्रदेश टीम ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय अध्यक्षों में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। खबर है कि पार्टी सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल सकती है। ऐसे में नए दावेदार सक्रिय हो गए हैं, जबकि मौजूदा पदाधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन में भी सामाजिक समीकरणों और चुनावी प्रभाव को प्रमुख आधार बना रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा संगठन में यह बदलाव आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति का अहम हिस्सा है। पार्टी चाहती है कि संगठनात्मक स्तर पर मजबूत और सक्रिय टीम तैयार की जाए, जो चुनावी अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा सके और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत कर सके।


