TRENDING TAGS :
यूपी कांग्रेस में बगावत की आहट! अजय राय छोड़ देंगे पार्टी? राहुल मनाएंगे या गुजरात भेजकर करेंगे सुलह
UP Congress Crisis: यूपी कांग्रेस में अजय राय की नाराजगी के बीच पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हैं। ममता चौधरी ने राहुल गांधी से शिकायत करने की बात कही है। क्या अजय राय को गुजरात का प्रभारी बनाकर मनाएगी कांग्रेस या होगी बीजेपी में वापसी?
Image Source- Social Media
UP Congress Crisis: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बीते 24 घंटे से वरिष्ठ नेता अजय राय को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अजय राय की नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के नए नेतृत्व के कार्यभार संभालने के दौरान पार्टी कार्यालय में हुई गाली-गलौज और मारपीट ने विवाद को और बढ़ा दिया है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ममता चौधरी ने भी अजय राय के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या अजय राय कांग्रेस छोड़ने का फैसला करेंगे या राहुल गांधी उन्हें कोई दूसरी जिम्मेदारी देकर मना लेंगे? पार्टी के भीतर गुजरात जैसे बड़े राज्य का प्रभारी बनाए जाने की चर्चा भी हो रही है।
यूपी कांग्रेस में क्यों उठ रहे सवाल?
कांग्रेस के भीतर अजय राय की नाराजगी को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग पार्टी कार्यालय में हुए विवाद के लिए अजय राय के साथ आए समर्थकों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो कुछ लोग महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ममता चौधरी और नए प्रदेश नेतृत्व को इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। लेकिन इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए अजय राय पार्टी छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं?
इन चर्चाओं को इसलिए भी हवा मिली है, क्योंकि सोमवार को जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च के लिए दिल्ली बुलाया, तब अजय राय इसमें शामिल नहीं हुए। उनके इस मार्च में शामिल नहीं होने को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके पार्टी छोड़ने या किसी दूसरे दल में जाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बनारस के अजय राय क्या तोड़ लेंगे नाता?
अजय राय बनारस की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्हें जानने वाले लोग कहते हैं कि वह अपनी राजनीतिक ठसक और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। तीन बार बीजेपी से विधायक रहने के बावजूद उन्होंने पार्टी छोड़ने में देर नहीं की थी। ऐसे में अब प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद कांग्रेस से उनका मोहभंग होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
अजय राय को करीब से जानने वाले लोगों के बीच चर्चा है कि जिस तरह उन्होंने पहले बीजेपी छोड़ने का फैसला किया था, उसी तरह कांग्रेस में अपने अपमान को लेकर वह कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। हालांकि, यह फिलहाल अटकलों का विषय है। उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर पार्टी के भीतर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
क्यों बढ़ा ममता चौधरी और अजय राय के बीच विवाद?
अजय राय और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ममता चौधरी के बीच पहले से ही अनबन की बात सामने आती रही है। अब प्रदेश कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के कार्यभार संभालने के दौरान पार्टी कार्यालय में हुई गाली-गलौज और जूतम-पैजार ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
ममता चौधरी ने भी अब अजय राय के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजेंद्र पाल गौतम से अजय राय की शिकायत करेंगी। ममता चौधरी ने आरोप लगाया है कि अजय राय पहले से ही दलित विरोधी रहे हैं और पार्टी की बैठकों में दलितों के लिए सीट तक नहीं रखी जाती थी। ये आरोप कांग्रेस के भीतर नए विवाद को जन्म दे सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अजय राय का पक्ष सामने नहीं आया है।
क्या गठबंधन के लिए अजय राय को हटाया गया?
अजय राय की नाराजगी की एक बड़ी वजह समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन भी मानी जा रही है। राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, अजय राय और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच लंबे समय से तनातनी रही है। ऐसे में गठबंधन की राह आसान बनाने के लिए अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना कांग्रेस के लिए मुफीद माना गया होगा।
वहीं, प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा 'मोना' को समाजवादी पार्टी के साथ बेहतर तालमेल रखने वाले चेहरों के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में अजय राय को यह महसूस हो सकता है कि गठबंधन की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए उन्हें पद से हटाया गया। इसी वजह से उनकी नाराजगी केवल पार्टी कार्यालय में हुई घटना तक सीमित नहीं मानी जा रही है।
चर्चा यह भी है कि अजय राय को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने से पहले विश्वास में नहीं लिया गया। उनके करीबियों के मुताबिक, उन्हें बिना बताए पद से हटाए जाने की बात ने उनके सम्मान को चोट पहुंचाई है। ऐसे में मौजूदा प्रदेश नेतृत्व के साथ उनके रिश्ते और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
अजय राय को कैसे मनाएंगे राहुल गांधी?
अब कांग्रेस के सामने बड़ा सवाल यह है कि अजय राय को कैसे मनाया जाए। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं का मानना है कि उन्हें कोई दूसरी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। जिस तरह अजय सिंह लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के बाद दूसरे प्रदेश का प्रभार दिया गया था, उसी तरह अजय राय को भी किसी दूसरे राज्य की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
इसी क्रम में गुजरात का प्रभारी बनाए जाने की चर्चा है। अजय राय पिछले करीब 12 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुखर राजनीति करते रहे हैं और बनारस में उन्हें लगातार चुनौती देते आए हैं। ऐसे में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व उन्हें गुजरात जैसे बड़े राज्य का प्रभारी बनाकर पार्टी में बनाए रखने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
क्या BJP में हो सकती है अजय राय की घर वापसी?
अजय राय को लेकर दूसरी बड़ी चर्चा उनकी संभावित घर वापसी की है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या वह नाराज होकर फिर बीजेपी में जा सकते हैं। अजय राय लगातार 2009 के बाद से चुनावी हार का सामना करते आए हैं और अब वह हर हाल में बनारस की पिंडरा विधानसभा सीट जीतना चाहते हैं। वह पहले तीन बार बनारस की एक विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं।
ऐसे में उनके सामने दो रास्तों की चर्चा है। पहला, कांग्रेस में कोई दूसरी जिम्मेदारी स्वीकार कर पार्टी के साथ बने रहना और दूसरा, अपनी राजनीति को बनारस तक सीमित रखते हुए कोई बड़ा फैसला लेना। बीजेपी में वापसी की अटकलें भी इसी राजनीतिक परिस्थिति के बीच लगाई जा रही हैं। हालांकि, अजय राय के अगले कदम को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
कांग्रेस की मारपीट पर केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा?
कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान हुई मारपीट और जूता-चप्पल चलने की घटना पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी तंज कसा है। उन्होंने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस अब केवल दफ्तरों और कागजों तक सीमित रह गई है। उनके मुताबिक, पार्टी समय-समय पर ऐसी हरकतें करके अपने अस्तित्व का एहसास कराने की कोशिश करती है। उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।
फिलहाल, यूपी कांग्रेस में अजय राय की नाराजगी, ममता चौधरी के आरोप और नए प्रदेश नेतृत्व के साथ बढ़ते तनाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या राहुल गांधी अजय राय को कोई बड़ी जिम्मेदारी देकर मना लेंगे, क्या उन्हें गुजरात का प्रभार मिलेगा या फिर वह कांग्रेस से अलग रास्ता चुनेंगे? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएंगे।


